मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। नसीराबाद जीडी टावर में चल रहे पंच दिवसीय योग प्रशिक्षण नि:शुल्क शिविर का समापन रविवार को हुआ। शिविर में
करो योग रहो निरोग– योग से पूर्व योग सूत्र को ध्यान में रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून से पूर्व योग अभ्यास शिविर 3 जून से प्रारम्भ किया गया था । जिसमे अजमेर से योगाचार्य तगत सिंह एवं बाल योगिनी प्रतिष्ठा कंवर द्वारा पांच दिवस में 48 कार्यकर्ताओं को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकॉल के अनुसार प्रातः 6:30 बजे से 8:00 तक सूक्ष्म क्रियाएं, व्यायाम योग एवं आसानों के साथ अन्य अतिरिक्त आसनों एवं प्राणायाम का भी अभ्यास कराया गया । सूक्ष्म व्यायाम में ग्रीवा शक्ति , स्कंध शक्ति , आगुल्य, मणिबंध शक्ति, कोहनी घुटने एवं कमर एवं पंजे सहित सूक्ष्म क्रियाएं,
एवं आसनों में बैठकर किए जाने वाले योग , खड़े होकर किए जाने वाले योग, पेट के बल लेटकर किए जाने वाले योग, पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले योग एवं अन्य महत्वपूर्ण योग में सुखासन, पद्मासन, ताड़ासन , तीर्यक ताड़ासन तिष्ट ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्त आसान , अर्ध चक्रासन, त्रिकोणासन , दंडासन , भद्रासन, वज्रासन , सुप्त वज्रासन, उष्ट्रासन शशांक आसन, उत्थान मंडूकासन, वक्रासन, मकरासन , भुजंगासन , शलभासन, सेतुबंध आसान, उत्तान पादासन, हलासन, पवन मुक्तासन, श्वसन, योग निद्रासन, मलासन, चक्रासन, गरुड़ासन, रुचिका आसन, बकासन, ऊर्धकुकुट आसान, मयूरासन, अष्टावक्रासन, कोंडियानासन, धनुरासन , नौकासान, विपरीत नोकासन, शीर्षासन , सर्वांगासन, पदम सर्वांगासन , भू नमन आसन, ग्रीव आसान, सिंहासन, ब्रह्मास्त्र आसन, उत्कट आसन, परिवर्तन उत्कट आसन , वीरभद्रासन, बद्ध पद्मासन , पश्चिमोत्तानासन, नटराज आसन, कर्ण पीडासन, परिवर्तित त्रिकोणासन, अर्ध कटी चक्रासन आदि आसनों सहित सूर्य नमस्कार मंत्रों के साथ सूर्य नमस्कार की उत्तम स्थितियों का अभ्यास के साथ प्रतिदिन अंत में कपालभाति, अनुलोम विलोम , भ्रामरी, भस्त्रिका आदि प्राणायाम का अभ्यास कराया गया l योग सत्र के अंत में पांचो दिवसों में योग संकल्प के अंतर्गत क्रमशः नियमित प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में जागरण, नियमित योग अभ्यास, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन हेतु हमारी भूमिका, यौगिक आहार विहार और पांचवा संकल्प सेवा एवं अहिंसा का पालन । अष्टांग योग- यम, नियम, आसन, प्राणायाम , प्रतिहार, धारणा , ध्यान , समाधि ।
योग का महत्व एवं वर्तमान प्रासंगिकता, विश्व योग दिवस का महत्व एवं हमारी भूमिका, नई शिक्षा नीति 2020 और योग, खेल जगत में योग और बढ़ती हुई इसकी वैश्विक मांग, आदि विषयों पर भी प्रकाश डाला गया।
अंत में निवेदिता बहन द्वारा योगाचार्यों का सम्मान करते हुए जी. डी. टावर प्रबंध समिति को निशुल्क स्थान उपलब्ध कराने के लिए साधुवाद यापन किया गया ।
कार्यक्रम का समापन योग संदेश जीवों और जीवन दो के साथ प्रशिक्षण के हुआ।