मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर ।
राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (RMCTA), अजमेर शाखा द्वारा बुधवार को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अजमेर के प्राचार्य के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन प्रेषित कर उदयपुर में मंगलवार रात्रि एक निजी ऑर्थोपेडिक अस्पताल में वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. जे.पी. शर्मा एवं आईएमए उदयपुर के अध्यक्ष डॉ. गुप्ता के साथ हुई मारपीट एवं अभद्र व्यवहार की घटना की कड़ी निंदा की गई।
आरएमसीटीए ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक बताते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कहा कि चिकित्सक दिन-रात मरीजों के उपचार एवं सेवा में समर्पित रहते हैं, किन्तु वर्तमान समय में मरीज अथवा उनके परिजन बिना चिकित्सा परिस्थितियों को समझे, उपचार के परिणामों का समुचित आकलन किए बिना ही चिकित्सकों को दोषी ठहराकर उनके साथ अभद्रता एवं हिंसक व्यवहार करने लगते हैं। संगठन ने कहा कि उदयपुर की घटना ने प्रदेशभर के चिकित्सकों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न कर दी है। अत्यंत चिंताजनक तथ्य यह है कि घटना स्थल पर पुलिस के पहुंचने के बावजूद चिकित्सकों ने स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं किया। ऐसी परिस्थितियों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना कठिन हो जाता है।
आरएमसीटीए, अजमेर शाखा ने राज्य सरकार से मांग की है कि चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी अस्पतालों एवं चिकित्सा संस्थानों में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों एवं गार्डों की नियुक्ति की जाए। साथ ही अस्पताल परिसरों के महत्वपूर्ण स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि चिकित्सकों के साथ होने वाली हिंसात्मक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो इसका प्रतिकूल प्रभाव स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल चिकित्सा समुदाय ही नहीं, बल्कि आम जनता के हित में भी आवश्यक है।
आरएमसीटीए, अजमेर शाखा ने राज्य सरकार से चिकित्सकों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने तथा चिकित्सा संस्थानों में हिंसा की घटनाओं को रोकने हेतु प्रभावी एवं कठोर कदम उठाने की मांग की है ।