मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन (राजस्थान) उपशाखा पंचायत समिति सरवाड द्वारा मंत्रालयिक कर्मचारियों की लंबित मांगों के निराकरण हेतु चरणबद्ध आंदोलन के तहत पंचायतीराज विभाग के बाबू सड़को पर उतर गए। संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश कुमार घटाला ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर उपखंड अधिकारी सरवाड़ जीतू कुलहरि, विकास अधिकारी सरवाड़ सोनराज मीणा को मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि मांगें लंबे समय से लंबित हैं तथा उनके प्रति विभाग द्वारा अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर के लगभग 16 हजार मंत्रालयिक कर्मचारी अपनी न्यायोचित मांगों के लिए ढाई साल से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। संगठन ने सरकार एवं विभागीय अधिकारियों से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड पैटर्न लागू करने, केडर रिव्यू, स्वतंत्र कार्य विभाजन, नोशनल लाभ, अंतरजिला स्थानांतरण सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेश व्यापी ज्ञापन दिया गया। उन्होंने बताया कि घोषित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न चरणों में जिला एवं ब्लॉक स्तर पर प्रचार-प्रसार, ज्ञापन, संवाद कार्यक्रम, पेन डाउन आंदोलन, सद्बुद्धि यज्ञ तथा जयपुर कूच जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन के अनुसार यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो 01 जुलाई 2026 से संपूर्ण कार्य बहिष्कार प्रारंभ किया जाएगा तथा 06 जुलाई को जयपुर में मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 07 जुलाई को जलमहल पर प्रेस वार्ता एवं सामूहिक जल समाधि जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से मंत्रालयिक कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक एवं त्वरित निर्णय लेकर आंदोलन की आवश्यकता समाप्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान होने से पंचायतीराज संस्थाओं के प्रशासनिक कार्यों में भी अधिक दक्षता एवं पारदर्शिता आएगी। इस मौके पर ब्लॉक से सभी मंत्रात्लयिक कर्मचारी उपस्थित रहे।