मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। जवाहरलाल नेहरू (JLN) मेडिकल कॉलेज अजमेर के सर्जरी विभाग ने जॉनसन एंड जॉनसन इंस्टीट्यूट ऑफ सर्जिकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग के सहयोग से आयोजित कार्यशाला का आधिकारिक उद्घाटन किया। यह एक उच्च-तकनीकी ‘वेट लैब’ (Wet Lab) प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसे सर्जरी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों के लैप्रोस्कोपिक कौशल को निखारने के लिए तैयार किया गया है। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का उद्घाटन चिकित्सालय में डॉ. अनिल सामरिया, प्राचार्य एवं नियंत्रक, JLN मेडिकल कॉलेज द्वारा किया गया। यह पहल शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ आधुनिक सर्जिकल तकनीक को जोड़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सर्जिकल उत्कृष्टता को बढ़ावा
मॉड्यूल उच्च-सटीक ‘हैंड्स-ऑन’ प्रशिक्षण पर केंद्रित है, जो पारंपरिक अवलोकन से आगे बढ़कर सक्रिय सिमुलेशन पर जोर देता है। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में शामिल हैं:- उन्नत लैप्रोस्कोपिक स्यूचरिंग (Suturing): इंट्रा-कॉर्पोरियल निरंतर और इंटरप्टेड स्यूचरिंग, वॉल्ट क्लोजर और इप्सिलैटरल स्यूचरिंग जैसी जटिल तकनीकों में महारत हासिल करना।
लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी (पित्त की थैली का ऑपरेशन), आंतों का एनास्टोमोसिस और लिवर रिसेक्शन सहित महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए विशेष सिमुलेशन।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में
उद्घाटन समारोह में चिकित्सा जगत के प्रमुख नेताओं और संकाय सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें शामिल थे:
डॉ. अनिल सामरिया, प्राचार्य एवं नियंत्रक
डॉ. अरविंद खरे, चिकित्सा अधीक्षक
डा रेखा माहेश्वरी विभागाध्यक्ष
डॉ. श्याम भूतडा, सर्जरी विभाग
डॉ. शिव कुमार बुनकर, सर्जरी विभाग
डॉ. प्रदीप वर्मा, सर्जरी विभाग
डॉ. कल्पना अग्रवाल, सर्जरी विभाग
डॉ संजीव माहेश्वरी डॉ कमलेश तनवानी डॉ एमपी शर्मा डॉ महेंद्र खन्ना डॉ अमित यादव। इस अवसर पर बोलते हुए, डॉ. अनिल सामरिया ने उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच ऐसी साझेदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “सर्जरी का भविष्य तेजी से ‘मिनिमली इनवेसिव’ (कम चीर-फाड़ वाली) तकनीकों की ओर बढ़ रहा है। हमारे रेजिडेंट्स को जॉनसन एंड जॉनसन के उन्नत वेट लैब मॉड्यूल उपलब्ध कराना यह सुनिश्चित करता है कि वे लैब से ऑपरेशन थिएटर तक का सफर आत्मविश्वास और सटीकता के साथ तय करें।”
सुबह 9 बजे शुरू हुए इस प्रशिक्षण सत्र में सामान्य सर्जरी विभाग के रेजिडेंट्स को जॉनसन एंड जॉनसन द्वारा प्रदान किए गए अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग करके अभ्यास करने का अवसर मिला। इस सहयोग का उद्देश्य जटिल लैप्रोस्कोपिक सर्जरी सीखने की प्रक्रिया को सरल बनाना है, जिससे अंततः क्षेत्र में रोगी सुरक्षा और सर्जिकल परिणामों में सुधार होगा।