मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में डीलिमिटेशन बिल (परिसीमन विधेयक) बिल पेश किया। कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस बिल को पेश करते हुए बहस की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के बाद हर राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या 50% बढ़ जाएगी। कुल मिलाकर लोकसभा सीटों की संख्या 815 हो जाएगी, जिसमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
अर्जुन मेघवाल ने कहा कि इस कोटा के लागू होने से न तो पुरुषों को और न ही किसी राज्य को कोई नुकसान होगा। लोकसभा और विधानसभाओं में महिला कोटा के अंतर्गत ST और SC श्रेणियों की महिलाओं के लिए आरक्षण होगा।
डीलिमिटेशन (परिसीमन) ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें चुनाव क्षेत्रों की सीमाओं को दोबारा तय किया जाता है। जिससे हर क्षेत्र में रहने वाली आबादी का संतुलन बना रहे।
भारत में आखिरी बार पूरा डीलिमिटेशन 2002 में किया गया था, जो 2001 की जनगणना के आधार पर हुआ था। उसके बाद से इस प्रक्रिया को रोक दिया गया। केंद्र सरकार ने जो डीलिमिटेशन बिल संसद में पेश किया है, उसका मकसद लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाना और उनकी नई सीमाएं तय करना है।यह काम 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। लेकिन विपक्ष की मांग है कि यह ताजा जनगणना के आधार पर होना चाहिए।
राजस्थान में लोकसभा की सीटें कितनी बढ़ेंगी?
नए सिरे से परिसीमन का आ असर राजस्थान पर भी पड़ेगा। इसके बाद राजस्थान में करीब 38 लोकसभा सीटें हो जाएंगी। अभी प्रदेश में 25 लोकसभा सीटें हैं। ऐसे में राज्य में 13 लोकसभा सीटें बढ़ जाएंगी। देश में पहला आम चुनाव 1951 में हुआ था। उस समय प्रदेश में लोकसभा सीटों की संख्या 18 थी। वर्ष 1973 में परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद राजस्थान में लोकसभा की सीटें 18 से बढ़कर 25 हो गई।
राजस्थान में कितनी बढ़ेंगी विधानसभा की सीटें?
जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजस्थान में करीब 70 सीटें (200 से बढ़कर 270) बढ़ सकती है। इससे प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर में भी बड़ा बदलाव आएगा।हाल ही में विधानसभा सीटों को बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर राजस्थान विधानसभा के स्पीकर वासुदेव देवनानी ने जानकारी दी थी।
उन्होंने बताया कि भविष्य में सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए विधानसभा के लिए नए सदन के निर्माण की योजना बनाई जा रही है।
देवनानी ने कहा कि नए सदन को इस तरह बनाया जाएगा की उसमें करीब 280 सदस्य बैठ सकें। नए सदन के निर्माण के लिए बजट भी जारी किया जा चुका है।