मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । विद्युत सुरक्षा को जन-जागरूकता से आगे ले जाते हुए अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है। अस्पतालों एवं नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए पहली बार विशेष Job-Specific Electrical Safety Workshop जेएलएन नर्सिंग स्कूल में आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य नर्सिंग विद्यार्थियों को उनके वास्तविक कार्यक्षेत्र में आने वाले विद्युत जोखिमों की पहचान, सुरक्षित कार्यप्रणाली तथा आपात परिस्थितियों में सही प्रतिक्रिया के लिए तैयार करना रहा। जेएलएन नर्सिंग स्कूल की प्राचार्या सुनीता रोहिला ने बताया की यह पहल इसलिए खास रही क्योंकि सामान्य विद्युत सुरक्षा कार्यक्रमों से अलग इस वर्कशॉप में अस्पताल के वातावरण और नर्सिंग विद्यार्थियों के कार्य की प्रकृति को केंद्र में रखते हुए प्रशिक्षण दिया गया। अस्पतालों में विद्युत सुरक्षा का सीधा संबंध मरीजों की सुरक्षा से है, जहां वेंटिलेटर, पेशेंट मॉनिटर, ऑक्सीजन से संबंधित उपकरण, ऑपरेशन थिएटर के उपकरण एवं अन्य जीवनरक्षक मेडिकल इंस्ट्रूमेंट्स लगातार विद्युत आपूर्ति पर निर्भर रहते हैं।
“हादसों की खबरें केवल खबर नहीं, चेतावनी भी हैं”
वर्कशॉप में एवीवीएनएल के जनसम्पर्क अधिकारी सतीश सोनी ने विभिन्न समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आए घातक विद्युत हादसों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि कई दुर्घटनाएं छोटी-सी लापरवाही, क्षतिग्रस्त तार, खराब प्लग-सॉकेट, ओवरलोडिंग अथवा विद्युत उपकरणों के असुरक्षित उपयोग से गंभीर रूप ले सकती हैं। नर्सिंग क्षेत्र में कार्य करते हुए उनकी सजगता किसी बड़ी दुर्घटना को रोक सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में “Electrical Safety Communicators” एवं “Safety Ambassadors” की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे मरीजों, सहकर्मियों और समाज तक भी विद्युत सुरक्षा का संदेश पहुंचा सकें।
तकनीकी सत्र में अस्पताल के हाई-सेंसिटिव उपकरणों से जुड़े जोखिम समझाए
वर्कशॉप के तकनीकी सत्र में एवीवीएनएल के एनर्जी ऑडिटर पी. सी. तिवारी ने विद्यार्थियों को अस्पतालों में विद्युत सुरक्षा के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने अस्पतालों में उपयोग होने वाले हाई-सेंसिटिव मेडिकल उपकरणों एवं इंस्ट्रूमेंट्स से जुड़े संभावित विद्युत जोखिमों को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों को बताया गया कि मेडिकल उपकरणों की संवेदनशीलता को देखते हुए उनके पावर कॉर्ड, प्लग, सॉकेट, स्विच बोर्ड एवं एक्सटेंशन बोर्ड की स्थिति पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए Job-Specific Safety Checklist
वर्कशॉप की विशेषता यह रही कि विद्यार्थियों को उनके वास्तविक कार्यक्षेत्र के अनुसार Job-Specific Electrical Safety Checklist के माध्यम से विद्युत सुरक्षा के बिंदुओं को समझाया गया। इसमें विशेष रूप से—प्लग एवं सॉकेट में टूट-फूट या ढीलापन पहचानना, स्विच बोर्ड एवं एक्सटेंशन बोर्ड में ओवरलोडिंग एवं स्पार्किंग के संकेत देखना, मेडिकल उपकरणों के पावर कॉर्ड में कट, घिसाव या क्षति की पहचान करना, एक ही सॉकेट पर अनावश्यक रूप से कई उपकरण न लगाना, जलने की गंध, चिंगारी, असामान्य गर्मी, आवाज अथवा बार-बार ट्रिपिंग जैसे खतरे के संकेतों को पहचानना, गीले हाथों से विद्युत उपकरणों को नहीं छूना।
तिवारी ने विद्यार्थियों को स्पष्ट किया कि नर्सिंग स्टाफ का कार्य विद्युत मरम्मत करना नहीं, बल्कि संभावित खतरे को समय रहते पहचानना और उसकी सूचना सही व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस प्रकार प्रत्येक नर्सिंग विद्यार्थी अपने कार्यस्थल पर एक “Safety Observer” की भूमिका निभा सकता है।
एवीवीएनएल की यह पहल आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के निर्देशों के क्रम में “Electrical Safety & Disaster Risk Reduction Awareness Network” विकसित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।