लंगूर की मौत से गांव में सदमा , 15 लोगों ने करवाया मुंडन ,1000 को भोजन

15 लोगों ने करवाया मुंडन; 1000 ने लगाया भंडारा, लंगूर की मौत पर क्यों रोया बुरहानपुर का ये गांव?मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले का गांव अंबाड़ा चर्चा में है। यहां एक लंगूर की मौत के बाद ग्रामीणों ने 10वीं पर भंडारे का आयोजन किया। 15 युवाओं ने मुंडन करवाया। नेपानगर इलाके में एक लंगूर की कुछ दिन पहले मौत हो गई थी। पूरे गांव ने मिलकर पूरी श्रद्धा और रीति-रिवाजों के साथ लंगूर का अंतिम संस्कार किया था। लंगूर के शव को कुर्सी पर रख गांव में अंतिम यात्रा निकाली गई थी।

आज लंगूर की 10वीं पर 15 लोगों ने मुंडन करवाया। मौके पर भंडारा भी आयोजित किया गया, जिसमें 1 हजार से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। ग्रामीणों ने अन्न भी दान किया। लंगूर एक घर की छत पर मृत अवस्था में मिला था। ग्रामीणों के अनुसार यह लंगूर गांव में काफी सालों से रह रहा था। उसकी उम्र ज्यादा हो चुकी थी। आकस्मिक मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दिखी थी।

  • राजकीय आर्युवेदिक चिकित्सालय नसीराबाद में मनाया आयुर्वेदिक दिवस

    मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

    अजमेर। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नसीराबाद में बुधवार को आयुर्वेदिक दिवस बनाया गया। डॉक्टर सीमा गुर्जर ने बताया इस अवसर पर एक शिविर आयोजित किया गया। जिसमें 122 रोगियों की जांच कर निशुल्क दवाईयो का वितरण किया गया।जिसमें उदार रोग, श्वास रोग, अर्श, श्वेत प्रदर, मधुमेह एवं चर्म रोगों का इलाज किया गया। शिविर में वैद्य राम चरण शर्मा, राजेंद्र राठी, रवि सोनी, तुषार सिंघल, प्रदीप मित्तल, चंद्र प्रकाश बंसल, बंशीलाल कुमावत, शंकर लाल गुर्जर, मोहन, जीतू, आदि उपस्थित रहे।

  • जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय अजमेर में आयुर्वेद दिवस मनाया

    मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

    अजमेर। जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय परिसर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय में बुधवार को आयुर्वेद दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
    कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया एवं अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर भगवान धन्वंतरि का पूजन किया एवं आयुर्वेद के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली एवं रोगों की रोकथाम में आयुर्वेद की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
    कार्यक्रम में प्रारंभ में आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. प्रियंका शर्मा ने स्वागत किया, कार्यक्रम में डॉ. एम. पी. शर्मा, डॉ. श्याम भूतड़ा, डॉ. कल्पना अग्रवाल, डॉ. बलराम चौधरी, डॉ अमित यादव, डॉ हर्ष टॉक,डॉ. गौतम शर्मा डॉ राहुल जैन सहित अनेक चिकित्सक एवं स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वस्थ जीवनशैली, प्रकृति परीक्षण एवं रोगों की रोकथाम के महत्व पर प्रकाश डाला गया तथा आमजन को आयुर्वेद को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए जागरूक किया गया।

  • जलझुलनी एकादशी पर निकलें ठाकुर जी के बैवाण, रात्रि को लम्बा बालाजी मंदिर पर ठहरें सभी बैवाण, होगी भजन संध्या

    मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

    अजमेर। जलझुलनी एकादशी पर देरांठू में गाजे बाजे के साथ निकले ठाकुर जी के बैवाण। इस अवसर पर लाम्बा बालाजी कमेटी की और भजन संध्या का आयोजन रखा गया है। जिसमें आयोजित भजन संध्या में सभी ठाकुर जी के बैवाण विराजित रहेंगे। कार्यक्रम के पूर्व कमेटी के सदस्यों ने गाजे बाजे के साथ सभी मन्दिरों में श्री फल भेंट कर भगवान को निमंत्रण दिया। सदर बाजार वाले बैवाण गाजे बाजे के साथ जैन नसियां के पास स्थित गोरमिया तालाब पर गये, वहीं माली , रावत, बडवाल, दगोल्या समाज के बैवाण तलाई पर गये ।
    लम्बा बालाजी मंदिर कमेटी के हंसराज माली ने बताया कि कार्यक्रम के तहत 22 सितम्बर को सांय सभी ठाकुर जी के बैवाणो को गाजे बाजे के साथ कार्यक्रम स्थल पर लाया गया। इसके पश्चात 8.15 सामुहिक महाआरती होगी, इसके पश्चात शानदार आतिशबाजी होगी। भजन संध्या में भीलवाड़ा से रिंकू शर्मा व बेरु के दिनेश राठौड़ एवं प्रार्टी शानदार भजनों की प्रस्तुति देंगे।

  • नसीराबाद नगरपालिका में भाजपा के एडवोकेट सुखदेव चोधरी बने चेयरमैन, चौधरी को मिले 11 वोट, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी रितिका शेखावत को मिले 9 मत

    मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

    अजमेर। नसीराबाद नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा के सुखदेव चौधरी निर्वाचित हुए। सुखदेव चौधरी को 11 मत मिले , जबकि कांग्रेस प्रत्याशी रितिका शेखावत को 9 मत प्राप्त हुए। 20 सदस्यीय नगर पालिका सदन में मतदान के बाद परिणाम घोषित किया गया।
    रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखण्ड अधिकारी कल्पित शिवरान ने चुनाव परिणाम की जानकारी देते हुए बताया कि मतदान प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न हुई। परिणाम घोषित होते ही भाजपा समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला और समर्थकों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुखदेव चौधरी को बधाई दी।

  • तेजा दशमी पर दिलवाड़ा, रामपुरा व देरांठू स्थित बासक बाबा धाम पर भरे मेले

    मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

    अजमेर। तेजा दशमी पर नसीराबाद क्षेत्र के दिलवाडा , रामपुरा तेजाजी धाम व देरांठू के कोटा रोड स्थित बासक बाबा धाम पर मेले भरे । लोहरवाड़ा के निकट रामपुरा स्थित तेजाजी धाम में गादीपति रमाकांत दास उर्फ रतनलाल महाराज के सानिध्य में आयोजित मेले में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिर में तेजाजी महाराज की प्रतिमा का आकर्षक श्रृंगार किया गया और पूरे मंदिर परिसर को विद्युत सजावट से सजाया गया।
    अल सुबह गादीपति रतनलाल महाराज विशेष परंपरा के साथ गुलाब की पंखुड़ियों पर रेंगते हुए मंदिर प्रांगण पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने तेजाजी महाराज के जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान कर दिया।
    विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना के बाद बाहर से आए झंडों और नई गाड़ियों की भी पूजा की गई। वहीं ब्रह्म मुहूर्त में कड़ा, चौकी और कांटे निकले गए
    वहीं मेले में राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। जहां करीबन आसपास के करीब 300 गांवों से बिंदोरी में नाचते-गाते श्रद्धालु झंडे लेकर धाम पहुंचे। वही अखाड़े में हैरतअंगेज जीवंत करतबों दिखाए गए ।
    वहीं घोड़ी नृत्य प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कार दिए गए।
    वही पिछले तीन दिनों से तेजाजी का मारवाड़ी खेल भी आयोजित किया जा रहा है। मेले में जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों का स्वागत भी किया गया। वहीं मेले में दिन भर भक्तों की भीड़ उमड़ी रही।
    वहीं दिलवाडा में भी तेजाजी महाराज का मेला धूमधाम से भरा, मेले में दिन भर आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित नसीराबाद से भी गाजे बाजो के साथ झण्डे आये। वहीं ग्रामीणों ने घरों में चूरमा, बाटी व खीर बनाकर तेजाजी महाराज के भोग लगाया।
    वहीं देरांठू के कोटा रोड स्थित बासक बाबा धाम पर रणजीत महाराज के सानिध्य में मेला भरा। धाम पर गाजे बाजे के साथ लाई शिव प्रतिमा की भी विधि विधान से पूजा कर स्थापना की गई। मेले में दूर दूर से भक्त गण गाजे बाजो के साथ झण्डे लेकर आये। मेले में आये अलगोजा प्रार्टी द्बारा भी तेजाजी महाराज की लावणियां गाकर ग्रामीणों को नाचने पर मजबूर कर दिया। मेले में कच्ची घोड़ी नृत्य भी हुआ। मेले में लगी मनिहारी, मिठाईयां, चाट पकोड़ी की दुकानों पर भीड़ रही, वहीं ग्रामीणों ने मेले में लगे झुलो का आनन्द उठाया।

गांव में काफी साल से रह रहा था लंगूर
ग्रामीणों ने इसके बाद संयुक्त तौर पर बैठक कर फैसला लिया था कि लंगूर का अंतिम संस्कार पूरे रीति-रिवाजों से किया जाएगा। मौत के बाद ग्रामीणों की ओर से उसी रात लंगूर की अर्थी पूरे गांव में निकाली गई थी। जिसके बाद उसके शव को श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया। लंगूर से पूरे गांव को जुड़ाव था। उसने इतने साल किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाया था। लंगूर की मौत से ग्रामीणों को गहरा सदमा लगा है।

गांव के पंडित ने बताया कि लंगूर की 10वीं पूरे रीति-रिवाजों से पूरी की गई है। मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया था। जिसमें काफी लोग जुटे। वहीं, गांव के लोगों ने मुंडन भी करवाया। लंगूर के साथ पूरे गांव का जुड़ाव था।

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