लंगूर की मौत से गांव में सदमा , 15 लोगों ने करवाया मुंडन ,1000 को भोजन
15 लोगों ने करवाया मुंडन; 1000 ने लगाया भंडारा, लंगूर की मौत पर क्यों रोया बुरहानपुर का ये गांव?मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले का गांव अंबाड़ा चर्चा में है। यहां एक लंगूर की मौत के बाद ग्रामीणों ने 10वीं पर भंडारे का आयोजन किया। 15 युवाओं ने मुंडन करवाया। नेपानगर इलाके में एक लंगूर की कुछ दिन पहले मौत हो गई थी। पूरे गांव ने मिलकर पूरी श्रद्धा और रीति-रिवाजों के साथ लंगूर का अंतिम संस्कार किया था। लंगूर के शव को कुर्सी पर रख गांव में अंतिम यात्रा निकाली गई थी।
आज लंगूर की 10वीं पर 15 लोगों ने मुंडन करवाया। मौके पर भंडारा भी आयोजित किया गया, जिसमें 1 हजार से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। ग्रामीणों ने अन्न भी दान किया। लंगूर एक घर की छत पर मृत अवस्था में मिला था। ग्रामीणों के अनुसार यह लंगूर गांव में काफी सालों से रह रहा था। उसकी उम्र ज्यादा हो चुकी थी। आकस्मिक मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दिखी थी।
- नसीराबाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने डोडा-पोस्त तस्करी के आरोपी को 10 वर्ष की सजा व 1 लाख रुपए के अर्थ दण्ड से किया दंडित
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। नसीराबाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने डोडा पोस्त तस्करी के आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 1 लाख रुपए अर्थ दंड से दंडित किया।अपर लोक अभियोजक महेंद्र चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 8 मार्च 2016 को रात्रि को नसीराबाद सदर थाना अधिकारी रामचन्द्र चौधरी द्वारा रात्रि गस्त के दौरान एक काले शीशे लगी कार को रोकने की कोशिश की तो कार चालक कार को भगा कर ले जाने लगा । जिस पर कार को रूकवा कर उसकी तलाशी लेने पर उसमें वैशाली नगर अजमेर निवासी सूरज नामक युवक मिला तथा कार की तलाश लेने पर उसमें 8 प्लास्टिक के कट्टो में 100 किलो अवैध डोडा पोस्त मिला ।जिस पर सदर थाने में मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की। जिसमें सूरज को तस्करी का आरोपी मानते हुए नसीराबाद न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। जहां न्यायालय में प्रकरण के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह और 89 दस्तावेज न्यायालय में परीक्षित कराए।वही अभियोजन पक्ष की ओर से दिए गए तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी सूरज को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ममता सैनी द्वारा 10 वर्ष का कठोर कारावास और 1 लाख रुपए के अर्थ दंड से दंडित करते हुए अर्थ दंड अदा नहीं किए जाने पर 1 साल के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।

- एम ई एस बिल्डर्स एसोसिएशन नसीराबाद के ठेकेदारों ने अपनी मांगों को लेकर सैन्य विभाग के गैरिसन इन्जिनियर को सौंपा ज्ञापन
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। एम ई एस बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (रजिस्ट्रर्ड) नसीराबाद शाखा ने सैन्य अभियंत्रण सेवा एम ई एस से जुड़े ठेकेदारों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गैरिसन इन्जिनियर नसीराबाद को मांग पत्र सौंपा। एसोसिएशन के चेयरमैन नन्दकिशोर गर्ग ने बताया कि एसोसिएशन द्वारा कर रखी मांगे लम्बित समय से है , जिनका कोई समाधान नहीं हो रहा है। ठेकेदारों ने कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो पूरे भारतवर्ष में आर्थिक सकंट उत्पन्न हो सकता है। साथ ही बताया कि काफी संख्या में पंजीकृत ठेकेदारों का पंजीकरण नहीं हुआ है। एसोसिएशन के ठेकेदारों ने बताया कि ठेकेदारों की 2010 के बाद आज तक सभी श्रेणियों के ठेकेदारों की वित्तीय सीमाओं में कोई वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने ने ई श्रेणी के ठेकेदारों की 50 लाख रुपए तक के कार्यों में निविदा प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति पूर्व व्यवस्था के अनुसार बहाल करने की मांग की है । उन्होंने ने चेतावनी दी है कि ठेकेदारों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर सम्पूर्ण भारतवर्ष में एम ई एस के सभी कार्य बन्द करने पड़ सकते हैं। ज्ञापन देते समय एम ई एस बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ब्रांन्च नसीराबाद के चैयरमेन नन्दकिशोर गर्ग, उमेश अग्रवाल, घनश्याम गोमा, गोपाल, राजू व मनोज मित्तल आदि उपस्थित थे।

- जैन संत मुनि विद्यासागर महाराज की स्मृति में सर्किल निर्माण व नामकरण की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को भेजा मांग पत्र
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। नसीराबाद दिगम्बर जैन युवा परिषद के अध्यक्ष
निहाल चन्द बड़जात्या ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को मांगपत्र भेजते हुए विद्यासागर महाराज की स्मृति में सर्किल चौराहे का निमार्ण व उसका नामकरण विधासागर महाराज सर्किल किए जाने की मांग की । उन्होंने बताया कि ऐसे महान संत विभूति की स्मृति मे आज तक किसी भी प्रमुख चौराहे अथवा सर्किल का नामकरण नहीं होना, जैन समाज की जन भावनाओं के अनुरूप नहीं है। मांग पत्र में उल्लेख किया गया कि विद्यासागर महाराज ने अपने तप त्याग वैराग्य संयम व आध्यात्मिक साधना के माध्यम से जैन धर्म के मूल सिद्धांतों अहिंसा- करुणा – आत्म संयम और सदाचार का देशभर में व्यापक प्रचार -प्रसार किया। उनका जीवन केवल जैन समाज ही नहीं बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। बडजात्या ने मांग पत्र में उल्लेख किया है कि आने वाली पीढ़ियों को ऐसी महान विभूति के जीवन त्याग और तपस्या से प्रेरणा मिले , इसके लिए उनके नाम पर एक भव्य सर्कल या चौराहे का निर्माण व नामकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जैन समाज के प्रतिनिधियों की जन भावनाओं का सम्मान करते हुए इस मांग पत्र पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर शीघ्र कार्यवाही करने की अपील मुख्यमंत्री से की है । मांग पत्र देते समय वरिष्ठ समाज सेवी सुमेर चंद सेठी, प्रेमचंद अजमेरा, ओम बडजात्या, विजय गदिया ,जैन इवनिंग क्लब के सदस्य विनोद पाटनी, अजीत गोधा, विकास सेठी , अरुण पाटनी, विजय अजमेरा, सुनील पाटनी, विनोद अजमेरा , निलेश सोनी , मनोज सेठी व श्वेतांबर समाज के विमल मुनोत ने मुख्यमंत्री से सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया । - जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में आई एच टी एम विभाग (रक्त केन्द्र) द्बारा महिला सुरक्षा एवं जागरूकता के लिए कार्यक्रम का किया आयोजन
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। जवाहर लाल नेहरू आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, अजमेर के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. अनिल सामरिया के मार्गदर्शन में आई.एच.टी.एम. विभाग (रक्तकेंद्र) द्वारा महिला सुरक्षा एवं जागरूकता के लिए तथा राजकोप सिटीजन ऐप की जानकारी देने एवं छात्र-छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा के तरीकों की जानकारी के लिए गुरुवार को जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय के लेक्चर हॉल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यशालाओं के माध्यम से पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में अधीक्षक, जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय डॉ. अरविंद खरे, अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. जय प्रकाश नारायण, उप अधीक्षक डॉ. अमित यादव, विभागाध्यक्ष आई.एच.टी.एम. डॉ. जी. सी. मीणा, डॉ. दिनेश बिलवाल, डॉ. शशि भूषण, डॉ. प्रियंका, डॉ. रविकांत एवं अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों में अध्ययनरत पैरामेडिकल के लगभग 150 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में राजस्थान पुलिस कार्यालय से आई कॉलिका यूनिट की हेड कॉन्स्टेबल सुनीता , कॉन्स्टेबल सुशीला , छोटी , सुमित्रा ने राजकोप सिटीजन ऐप को मोबाइल में इंस्टॉल करने की प्रक्रिया को समस्त विद्यार्थियों एवं अन्य स्टाफ को समझाया तथा ऐप से जुड़ी जानकारियों को विस्तारपूर्वक साझा किया तथा महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर जैसे महिला हेल्पलाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर क्राइम 1930 की भी जानकारी विस्तारपूर्वक साझा की। इसी क्रम में कॉन्स्टेबल प्रेरणा एवं सुशीला ने विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा के बारे में जानकारी दी तथा डेमो देकर महिला छात्राओं को प्रशिक्षण भी दिया। साथ ही महिला छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों एवं सुरक्षा संबंधी प्रावधानों से अवगत करवाया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. जी. सी. मीणा एवं अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. जय प्रकाश नारायण ने कॉलिका यूनिट के सभी अतिथियों को महिला सुरक्षा एवं जागरूकता के लिए दी गई महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए धन्यवाद दिया एवं पौधा देकर आभार व्यक्त किया।
- गुरू पुर्णिमा महोत्सव पर श्री चन्द्र नाथ विधा मन्दिर में हुआ गुरु परम्परा का भव्य आयोजन
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । नसीराबाद के देरांठू रोड स्थित श्री चंद्रनाथ आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को श्रद्धा, संस्कार एवं भारतीय संस्कृति के प्रतीक गुरु पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अंकित अग्रवाल (पूर्व छात्र एवं खंड कार्यवाह), विशिष्ट अतिथि कनक व्यास (पूर्व छात्र), विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश तथा समस्त आचार्य एवं दीदी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं दीप मंत्र के साथ हुआ। इसके पश्चात मोहन गुरुजी एवं आकाश द्वारा अतिथियों को श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।
सांस्कृतिक एवं शैक्षिक प्रस्तुतियों के क्रम में कक्षा 10 की छात्रा खुशी वैष्णव ने संत कबीरदास के दोहों का भावार्थ प्रस्तुत करते हुए गुरु के महत्व को प्रभावशाली ढंग से समझाया। कक्षा 8 की छात्रा मानवी सुक्रिया ने अंग्रेज़ी भाषा में गुरु द्रोणाचार्य एवं एकलव्य की प्रेरणादायक कथा प्रस्तुत की, जबकि कक्षा 6 की छात्रा रूहानिका ने अंग्रेज़ी में गुरु के महत्व पर अपने विचार व्यक्त कर सभी को प्रभावित किया। इस अवसर पर आकाश ने गुरु पूर्णिमा का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व बताते हुए गुरु-शिष्य संबंध पर एक प्रेरक प्रसंग सुनाया। प्रधानाचार्य राजेश ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर विद्यालय के सभी गुरुजी एवं दीदी का सम्मान करते हुए विद्यार्थियों को गुरु का आदर करने, उनके मार्गदर्शन का पालन करने तथा जीवन में संस्कारों को अपनाने का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि अंकित अग्रवाल ने अपने विद्यालयीन जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम एवं संस्कारों के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु का मार्गदर्शन जीवन को सफलता की दिशा प्रदान करता है।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य राजेश ने सभी अतिथियों, आचार्यों,दीदियों अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएँ दीं। पूरे कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, सम्मान एवं भारतीय संस्कृति के गौरव से ओत-प्रोत रहा।

गांव में काफी साल से रह रहा था लंगूर
ग्रामीणों ने इसके बाद संयुक्त तौर पर बैठक कर फैसला लिया था कि लंगूर का अंतिम संस्कार पूरे रीति-रिवाजों से किया जाएगा। मौत के बाद ग्रामीणों की ओर से उसी रात लंगूर की अर्थी पूरे गांव में निकाली गई थी। जिसके बाद उसके शव को श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया। लंगूर से पूरे गांव को जुड़ाव था। उसने इतने साल किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाया था। लंगूर की मौत से ग्रामीणों को गहरा सदमा लगा है।
गांव के पंडित ने बताया कि लंगूर की 10वीं पूरे रीति-रिवाजों से पूरी की गई है। मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया था। जिसमें काफी लोग जुटे। वहीं, गांव के लोगों ने मुंडन भी करवाया। लंगूर के साथ पूरे गांव का जुड़ाव था।

