मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
केकड़ी । मानवता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की एक प्रेरणादायक मिसाल मंगलवार को राजकीय जिला अस्पताल केकड़ी में देखने को मिली। अस्पताल के रक्तकोष (ब्लड बैंक) में ओ पॉजिटिव रक्त की अत्यंत आवश्यकता होने तथा एक महिला मरीज की स्थिति गंभीर होने की सूचना मिलते ही समाजसेवी एवं भारत विकास परिषद शाखा केकड़ी के रक्तदान प्रकल्प प्रभारी दिनेश वैष्णव सक्रिय हुए। उन्होंने रक्तकोष विभाग के सीनियर अधिकारी लोकेश धाकड़ से सूचना प्राप्त होते ही ओ पॉजिटिव रक्तदाताओं से तत्काल संपर्क साधा।
सिर्फ एक फोन कॉल पर रक्तवीर रामप्रसाद प्रजापत एवं महेंद्र प्रजापत बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत राजकीय जिला अस्पताल पहुंचे और अपना बहुमूल्य ओ पॉजिटिव रक्तदान कर अंजान महिला मरीज के उपचार में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। समय पर रक्त उपलब्ध होने से महिला मरीज का उपचार सुचारू रूप से प्रारंभ हो सका और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली। विशेष बात यह रही कि दोनों रक्तदाताओं का मरीज अथवा उसके परिवार से कोई परिचय नहीं था। उन्होंने केवल मानवता और सामाजिक दायित्व को सर्वोपरि मानते हुए रक्तदान किया। उनका यह निस्वार्थ योगदान इस बात का उदाहरण है कि संकट की घड़ी में संवेदनशील नागरिक किसी भी अनजान व्यक्ति के लिए जीवनरक्षक बन सकते हैं।
भारत विकास परिषद शाखा केकड़ी के रक्तदान प्रकल्प प्रभारी दिनेश वैष्णव ने बताया कि अस्पताल के रक्तकोष में ओ पॉजिटिव रक्त की तत्काल आवश्यकता की सूचना मिलते ही संभावित रक्तदाताओं से संपर्क किया गया। दोनों रक्तवीरों ने बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया, जिससे गंभीर स्थिति में उपचाराधीन महिला मरीज को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सका।
रक्तकोष विभाग के सीनियर लैब टेक्नीशियन महावीर विजयवर्गीय ने दोनों रक्तदाताओं के त्वरित सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में ऐसे जागरूक और सेवाभावी रक्तदाता मरीजों के लिए जीवनदायी साबित होते हैं। उन्होंने रक्तदान अभियान में सक्रिय सहयोग के लिए समाजसेवी दिनेश वैष्णव का भी आभार व्यक्त किया।
रक्तदान के उपरांत रामप्रसाद प्रजापत एवं महेंद्र प्रजापत ने कहा कि “रक्तदान सबसे बड़ा महादान है। स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि हमारा कुछ मिनट का समय और थोड़ी-सी संवेदना किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकती है।” उन्होंने युवाओं से भी अधिक से अधिक संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान करने और जरूरत पड़ने पर आगे आने का आह्वान किया। बल्ड सेंटर के लैब टेक्नीशियन महावीर झाकल ,सुरेश सुराणा एवं अंकित जाखड़ ने रक्तदान इस प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया । केकड़ी क्षेत्र में समय-समय पर इस प्रकार निस्वार्थ भाव से रक्तदान करने वाले रक्तवीर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। उनका यह सेवाभाव न केवल मानवता की सच्ची भावना को मजबूत करता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि एक छोटा-सा फोन कॉल, कुछ मिनटों का समय और रक्तदान का संकल्प किसी परिवार की उम्मीदों को टूटने से बचा सकता है।