मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । तीर्थनगरी पुष्कर की घाटी में लगातार हो रहे सडक़ हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के निर्देश पर सार्वजनिक निर्माण विभाग घाटी के तीनों प्रवेश मार्गों पर हाइट गेज स्थापित कर रहा है। आज इनके लगने के साथ ही तीन मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सभी वाहन घाटी में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इस प्रतिबंध के दायरे में ट्रक, डंपर और अन्य भारी मालवाहक वाहनों के साथ-साथ रोडवेज बसें और बड़ी निजी यात्री बसें भी शामिल होंगी।
शनिवार को विभाग के ठेकेदार की टीम ने पुष्कर के ब्रह्म द्वार के पास, बूढ़ा पुष्कर स्थित होटल सहदेव बाग के निकट तथा नौसर गांव की ओर घाटी के प्रवेश बिंदु पर हाइट गेज लगा दिये है । विभागीय अधिकारियों के अनुसार शनिवार शाम तक तीनों स्थानों पर हाइट गेज स्थापित कर दिए जाएंगे। प्रशासन का यह निर्णय सडक़ सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन इसका सीधा असर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों पर भी पड़ेगा। घाटी मार्ग बंद होने के कारण रोडवेज और बड़ी निजी बसों को वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ेगा। इससे पुष्कर से अजमेर आने-जाने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक दूरी तय करनी होगी। बसें हाइवे अथवा खरेखड़ी मार्ग से संचालित होने पर यात्रा का समय बढ़ जाएगा। साथ ही लंबा रूट होने से किराए में भी वृद्धि की संभावना है, जिससे यात्रियों पर समय और आर्थिक बोझ—दोहरी मार पड़ेगी। इस व्यवस्था का सबसे अधिक असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जिन्हें अजमेर के मित्तल हॉस्पिटल, रीजनल चौराहा, वैशाली नगर, हरिभाऊ उपाध्याय नगर, कोटड़ा सहित घाटी मार्ग से जुड़े क्षेत्रों में नियमित आना-जाना पड़ता है। अब इन स्थानों तक पहुंचने के लिए यात्रियों को लंबा चक्कर लगाना होगा, जिससे समय भी अधिक लगेगा और अतिरिक्त किराया भी देना पड़ सकता है। साथ ही बस में यात्रा के बजाय टेक्सी कर के जाना पड़ेगा।
पिछले तीन महीनों में पुष्कर घाटी में हुए तीन बड़े सडक़ हादसों में एक महिला सहित तीन लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को स्थायी समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में घाटी में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रभावी रोक लगाने का निर्णय लिया गया।
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता दीनदयाल सैनी के अनुसार हाइट गेज स्थापित होने के बाद तीन मीटर से अधिक ऊंचाई वाले किसी भी वाहन को घाटी में प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रशासन का मानना है कि इससे दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण होगा और तीर्थनगरी आने वाले श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।