मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। नसीराबाद के देरांठू रोड स्थित विद्या भारती संस्थान अजमेर द्वारा संचालित चंद्रनाथ आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को कक्षा 8वीं एवं 10वीं के भैया-बहिनों द्वारा दीपावली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में रचनात्मक एवं कलात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपनी कला एवं रचनात्मक प्रतिभा का सुंदर परिचय देते हुए मिट्टी से रंग-बिरंगे आकर्षक दीपक, विभिन्न प्रकार की आकृतियां एवं सजावटी वस्तुएं तैयार कीं। भैया-बहिनों ने अपने हाथों से दीपकों को सुंदर रंगों एवं कलात्मक डिजाइनों से सजाया। इसके साथ ही आकर्षक रंगोलियां, मालाएं तथा मिट्टी से विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां भी बनाई गईं।
इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, पारंपरिक कला एवं स्वदेशी वस्तुओं के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना जागृत करना था। मिट्टी के दीपक बनाकर विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि हमें दीपावली जैसे पावन त्योहारों पर विदेशी एवं कृत्रिम वस्तुओं के स्थान पर अपने देश में निर्मित स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
विद्यार्थियों ने दिया प्रेरणादायक संदेश –
इस दीपावली हम सब संकल्प लें कि स्वदेशी वस्तुएं अपनाएंगे, मिट्टी के दीपक जलाएंगे और अपने देश के कुम्हारों एवं स्थानीय कारीगरों की मेहनत को सम्मान दिलाएंगे।
विद्यार्थियों ने कहा कि मिट्टी का एक छोटा-सा दीपक केवल घर को रोशन नहीं करता, बल्कि किसी कारीगर के घर में भी खुशियों का उजाला लाता है। स्वदेशी अपनाना केवल एक विचार नहीं, बल्कि अपने देश की कला, संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भरता को मजबूत बनाने का एक सार्थक प्रयास है।
विद्यालय का यह प्रयास विद्यार्थियों में ‘करके सीखने’ श्रम के प्रति सम्मान, रचनात्मकता, पर्यावरण संरक्षण एवं आत्मनिर्भर भारत की भावना विकसित करने की दिशा में सराहनीय रहा।
आइए, इस दीपावली एक नया संकल्प लें
स्वदेशी अपनाएं, मिट्टी के दीपक जलाएं, स्थानीय कारीगरों के जीवन में खुशियां लाएं।
अपनी संस्कृति और परंपरा का मान बढ़ाएं,
मिलकर आत्मनिर्भर भारत का दीप जलाएं।