संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी के बरगू गांव निवासी मांगीलाल नायक जी दिव्यांग हैं। सांगोद में आयोजित सामाजिक अधिकारिता शिविर में वे मोटराइज्ड साइकिल की आस लेकर पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों को अपना 80 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण पत्र दिखाया परन्तु पंजीकरण नहीं होने के कारण अधिकारियों ने उनका आग्रह स्वीकार नहीं किया। वे चेहरे पर निराशा के भाव लिए एक ओर बैठे थे। उन पर नजर गई तो उनके पास जाकर मामले को समझा।
अधिकारियों से बात कर मांगीलाल जी का मौके पर ही पंजीकरण करवाया और उन्हें मोटराइज्ड साइकिल भेंट की। इसके बाद उनके चेहरे पर जो खुशी नजर आई उसे शब्दों में अभिव्यक्त करना असंभव है। हमारे अपने प्रयासों से किसी की आंखों के आंसू पौंछ सकें, किसी के जीवन में खुशियां ला सकें, इससे बड़ा पुण्य और कुछ नहीं है।
फेसबुक ओम बिरला