लंगूर की मौत से गांव में सदमा , 15 लोगों ने करवाया मुंडन ,1000 को भोजन

15 लोगों ने करवाया मुंडन; 1000 ने लगाया भंडारा, लंगूर की मौत पर क्यों रोया बुरहानपुर का ये गांव?मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले का गांव अंबाड़ा चर्चा में है। यहां एक लंगूर की मौत के बाद ग्रामीणों ने 10वीं पर भंडारे का आयोजन किया। 15 युवाओं ने मुंडन करवाया। नेपानगर इलाके में एक लंगूर की कुछ दिन पहले मौत हो गई थी। पूरे गांव ने मिलकर पूरी श्रद्धा और रीति-रिवाजों के साथ लंगूर का अंतिम संस्कार किया था। लंगूर के शव को कुर्सी पर रख गांव में अंतिम यात्रा निकाली गई थी।

आज लंगूर की 10वीं पर 15 लोगों ने मुंडन करवाया। मौके पर भंडारा भी आयोजित किया गया, जिसमें 1 हजार से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। ग्रामीणों ने अन्न भी दान किया। लंगूर एक घर की छत पर मृत अवस्था में मिला था। ग्रामीणों के अनुसार यह लंगूर गांव में काफी सालों से रह रहा था। उसकी उम्र ज्यादा हो चुकी थी। आकस्मिक मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दिखी थी।

  • राजस्थान महिला कल्याण मण्डल चाचियावास द्बारा दो दिवसीय अभिभावक एवं भाई बहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया शुभारंभ

    मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

    अजमेर। राजस्थान महिला कल्याण मंडल, चाचियावास द्वारा संचालित मीनू सी बी आर कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय अभिभावक एवं भाई-बहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त निदेशक तरुण शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण में अजमेर एवं अजमेर ग्रामीण ब्लॉक से लगभग 96 अभिभावक एवं भाई-बहन शामिल हुए। प्रशिक्षण के प्रारंभिक सत्र में संस्थागत परिचय एवं संस्था की उपलब्धियों की जानकारी समूह के समक्ष विपुल कवरिया द्वारा प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात फिजियोथैरेपी सत्र डॉ. कृष्ण कुमार बाकोलिया द्वारा लिया गया, जिसमें अभिभावकों को बताया गया कि वे घर पर बच्चों को किस प्रकार सरल तरीके से थेरेपी प्रदान कर सकते हैं तथा थेरेपी के दौरान किन-किन आवश्यक सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए।
    स्पीच थेरेपी सत्र में मंजू शर्मा ने बच्चों में भाषा विकास एवं बोलने की क्षमता बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की तथा स्पीच थेरेपी से संबंधित महत्वपूर्ण अभ्यास समूह के साथ साझा किए।
    बच्चों को सामाजिक सुरक्षा एवं सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक दस्तावेजों तथा विभिन्न योजनाओं की जानकारी अंजलि माहेश्वरी द्वारा प्रतिभागियों को दी गई, जिससे अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी सुविधाओं का लाभ दिला सकें।
    इसके अतिरिक्त गुड टच एवं बैड टच विषय पर महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों की सुरक्षा, संभावित जोखिमों से बचाव तथा अभिभावकों द्वारा आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
    गोल सेटिंग के अंतर्गत बच्चों को सिखाने के लिए टीचिंग टेक्निक एवं टास्क एनालिसिस विधि पर सत्र विपुल कवरिया द्वारा लिया गया, जिसमें अभिभावकों को बच्चों के विकास के लिए व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से कार्य करने की प्रक्रिया समझाई गई।
    इस प्रशिक्षण के माध्यम से अभिभावकों एवं भाई-बहनों को यह समझने का अवसर मिला कि वे घर पर बच्चों के विकास, शिक्षा, व्यवहार सुधार, थेरेपी अभ्यास तथा दैनिक जीवन कौशल को विकसित करने में किस प्रकार सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही उन्हें बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं से जुड़ने की जानकारी भी प्राप्त हुई, जिससे वे बच्चों के सर्वांगीण विकास में अधिक प्रभावी योगदान दे सकें।
    कार्यक्रम के अंत में निदेशक राकेश कुमार कौशिक द्वारा सभी प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया तथा उपस्थित अभिभावकों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा आयोजित इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य अभिभावकों और भाई-बहनों को सक्षम बनाना है, ताकि वे बच्चों के विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। इस अवसर पर संस्था की सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्षमा आर. कौशिक ने भी प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से परिवारों को सही जानकारी, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास प्राप्त होता है, जिससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

  • जिला कलेक्टर ने घरेलू गैस सिलेंडर आपूर्ति के सम्बन्ध में ली समीक्षा बैठक, गैस कम्पनी के अधिकारियों को आपूर्ति व्यवस्था पर निगरानी के दिए निर्देश

    मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

    अजमेर । जिला कलक्टर लोकबंधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था एवं पीएनजी आपूर्ति प्रणाली की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
    बैठक में एचपीसीएल , बीपीसीएल एवं आईजीएल गैस कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपूर्ति श्रृंखला की वर्तमान स्थिति, उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्धता पर गहन चर्चा की गई।
    जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में घरेलू गैस आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए तथा प्रत्येक उपभोक्ता तक समयबद्ध एवं सुचारु वितरण सुनिश्चित किया जाए।
    उन्होंने गैस कंपनियों के सेल्स अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी रखें तथा किसी भी प्रकार की शिकायत या बाधा की स्थिति में त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। जिला कलक्टर ने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड कंपनी के अधिकारियों को पीएनजी के अधिकाधिक विस्तार करने के निर्देश दिए । साथ ही आमजन में इसके लाभों के प्रति व्यापक जागरूकता लाने को कहा। इससे अधिक से अधिक उपभोक्ता इस सुविधा से जुड़ सकेंगे।
    आईजीएल के अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में अजमेर, केकड़ी एवं किशनगढ़ शहर में वर्तमान में लगभग 10 हजार उपभोक्ताओं को पीएनजी पाइपलाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति की जा रही है तथा लगभग 30 हजार उपभोक्ताओं के लिए नेटवर्क संरचना तैयार की जा चुकी है। शेष प्रक्रियाएं पूर्ण होते ही नए कनेक्शन जारी किए जाएंगे।
    बैठक में जिला कलक्टर ने रसद विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहते हुए घरेलू गैस सिलेंडरों के वाणिज्यिक उपयोग, अवैध रीफिलिंग तथा कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने और निरंतर प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
    इस अवसर पर जिला रसद अधिकारी प्रथम श्रीमती मोनिका जाखड़, जिला रसद अधिकारी द्वितीय नीरज जैन सहित गैस कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • चैत्र नवरात्रि पर क्षेत्र के मन्दिरों में भक्तों की उमड़ रही है भीड़, बामणिया बालाजी धाम मन्दिर में प्रतिदिन चौला बदलने के साथ हो रहा है फूलों से श्रृंगार

    मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

    अजमेर। चैत्र नवरात्रि पर नसीराबाद क्षेत्र के मन्दिरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नसीराबाद क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल श्री बामणिया बालाजी धाम मन्दिर पर अखण्ड रामायण पाठ के साथ प्रतिदिन बालाजी महाराज का चोला बदलने के साथ फूलो से श्रृंगार किया जा रहा है, सांय को पुजारी परिवार द्बारा महाआरती के पश्चात सामुहिक एक घन्टें की संगीतमय स्तुति की जाती है। क्षेत्र के वैष्णवी देवी मंदिर लोहरवाड़ा, तेजाजी धाम रामपुरा, भैरु मन्दिर राताखेडा चौराहा, बासक बाबा धाम मन्दिर कोटा रोड, बावन भेरू मन्दिर, नये शिव मंदिर, बग़ीची बालाजी मंदिर देरांठू पर भी अखण्ड रामायण पाठ, दुर्गा सप्तशती के पाठ चल रहे हैं। मन्दिरों पर सनातनी भक्त परिवार सहित दर्शन कर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं ।

  • सावधान – गैस किल्लत के नाम पर मंडरा रहा है साइबर ठगों का साया- राजस्थान पुलिस की बड़ी चेतावनी

    मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

    जयपुर । राजस्थान में एलपीजी गैस सिलेंडर की बढ़ती मांग और संभावित कमी का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने आमजन की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ करना शुरू कर दिया है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने इस संबंध में एक विशेष एडवाइजरी जारी कर प्रदेशवासियों को सतर्क रहने की अपील की है।
    उपमहानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी मनोवैज्ञानिक दबाव और तकनीकी हेरफेर के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने मुख्य रूप से 5 तरीकों की पहचान की है:

    फर्जी एलपीजी बुकिंग वेबसाइट : ठग विभिन्न गैस कंपनियां की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को ऑनलाइन बुकिंग का झांसा देते हैं और उनकी बैंकिंग डिटेल्स चुरा लेते हैं।

    केवाईसी और कनेक्शन बंद होने का डर
    अपराधी खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताकर कॉल करते हैं। वे KYC अपडेट न होने पर कनेक्शन कटने या सब्सिडी रुकने का डर दिखाकर ओटीपी और यूपीआई पिन मांग लेते हैं।

    फर्जी SMS और WhatsApp लिंक आपकी सब्सिडी होल्ड पर है, तुरंत अपडेट करें जैसे मैसेज भेजकर फिशिंग लिंक्स पर क्लिक करवाया जाता है, जिससे मोबाइल का डेटा हैक हो जाता है।

    घातक स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स
    मदद के नाम पर अपराधी AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करवाते हैं, जिससे आपके फोन का पूरा कंट्रोल उनके पास चला जाता है।

    QR कोड का मायाजाल
    पेमेंट के नाम पर QR कोड स्कैन कराया जाता है। याद रखें, पैसे प्राप्त करने के लिए कभी QR कोड या PIN की जरूरत नहीं होती।

    सुरक्षा के 5 सुरक्षा चक्र
    साइबर क्राइम शाखा ने ठगी से बचने के लिए आमजन को निम्नलिखित सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं-

    आधिकारिक प्लेटफॉर्म ही चुनें
    हमेशा कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट, आधिकारिक ऐप या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से IVRS का ही उपयोग करें।

    जल्दबाजी में निर्णय न लें
    यदि कोई आपको तुरंत कार्रवाई के लिए डराता है, तो समझ जाएं कि वह ठग हो सकता है। अपराधी आपको सोचने का समय नहीं देना चाहते।

    गोपनीयता बनाए रखें
    बैंक डिटेल्स, आधार नंबर या OTP किसी को न दें। कोई भी असली गैस कंपनी फोन पर आपसे यह जानकारी नहीं मांगती।

    स्क्रीन शेयरिंग से दूरी
    किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में कंट्रोल देने वाले ऐप्स कभी इंस्टॉल न करें।

    पेमेंट की पुष्टि करें
    Google Pay या PhonePe जैसे ऐप्स पर भुगतान करते समय नाम और विवरण को दो बार चेक करें।
    ठगी का शिकार होने पर क्या करें
    यदि आप या आपके आसपास कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो घबराएं नहीं। तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930, साइबर हेल्पडेस्क 9256001930 / 9257510100, ऑनलाइन पोर्टल https://cybercrime.gov.in या नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन पर शिकायत दर्ज कराएं.

  • पुष्कर के परहुता पहाडी के शिखर पर स्थित मणि वैदिक शक्ति पीठ के गर्भ गृह के दर्शन कर लोट रहे पंडित व बटुको पर मधु मक्खियों ने किया हमला, हमले में 13 पंडित हुए घायल, दो घण्टे के रेस्क्यू करके सभी घायल पंडितों को इलाज हेतु अस्पताल पहुंचाया

    मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

    अजमेर। पुष्कर के एक किमी. की परहुता पहाड़ी के शिखर पर स्थित मणि वेदिक शक्तिपीठ के गर्भ गृह के दर्शन कर लौट रहे पंडित व बटुकों पर मधु मक्खियों ने हमला कर दिया। हमलें में 14 पंडित जख्मी हो गए। वहीं पंडितों में अफरा-तफरी मच गई तथा सभी जान बचाने के लिए पथरीले व दर्गम पहाड़ी मार्ग पर जान बचाने के लिए दौड़ लगाई। मधु मक्खियों के हमलें में जख्मी हुए सभी पंडितों को पहाड़ी से उतार कर 108 एंबुलेंस सहित अलग-अलग वाहनों से हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां उन्हें उपचार के लिए भर्ती किया।
    जानकारी के अनुसार शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ के दौरान सोमवार की दोपहर करीब एक बजे गायत्री मंत्र का जाप संपन्न कर करीब 20 पंडित-बटुक समूह के रूप में पास में ही परहुता पहाड़ी के शिखर पर स्थित मणि वेदिक शक्तिपीठ के गर्भ गृह के दर्शन के लिए रवाना हुए। एक किमी. ऊंची पहाड़ी के शिखर तक पहुंचने में पंडितों को दो घंटे लगे। गर्भ गृह के दर्शन कर लौटते समय अचानक पंडितों पर मधु मुक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। जिससे पंडितों में हाहाकार मच गया और उन्होंने सभी जान बचाने के लिए पहाड़ी पर दौड़ लगाई। इस दौरान कुछ पंडितों के पैर फिसल गया। किसी के झाडिय़ों से खरोंचे भी आई। सूचना मिलते ही यज्ञ स्थल से सेवादार व 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची तथा बारी-बारी से मधु मक्खियों के हमलें से घायल हुए पंडितों को पहाड़ी से नीचे उतार कर हॉस्पिटल पहुंचाया। कुल 13 पंडित जख्मी हुए। सभी को भर्ती कर उपचार किया गया। घायल पंडित अभिषेक पांडे ने बताया कि मंत्र जाप के बाद वे बिना भोजन प्रसादी ग्रहण किए पहाड़ी पर मंदिर के दर्शन के लिए गए थे। वापस लौटते समय मधु मक्खियों हमला किया। मक्खियां कहां से आई, पता नहीं चला।मामले की जानकारी मिलते ही उपखंड अधिकारी गुरुप्रसाद तंवर भी घायलों को कुशलक्षेम पूछने अस्पताल पहुंच गए।

    दो पंडित दो घंटे बाद पहाड़ी पर अचेतावस्था में मिले
    मधु मक्खियों के हमलें के दौरान दो पंडित जान बचाने के चक्कर में पहाड़ी पर रास्ता भटक गए तथा गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण बेहोश हो गए। इस पर करीब दो घंटे बाद रेस्क्यू टीम ने उन्हें तलाश किया तथा सुरक्षित नीचे उतार कर हॉस्पिटल पहुंचाया। बताया गया कि दोनों ही पंडित अलग-अलग जगह अचेतावस्था में मिले। रेस्क्यू टीम में सुखदेव भट्ट, मनीष कुमावत, सांवरा शर्मा अमित भट्ट, हरदेव सिंह, नर्सिंग कर्मी कपिल चौधरी, 108 एंबुलेंस के चालक दुर्गा सिंह आदि शामिल थे।वही अस्पताल में घायल पंडितों की सेवा में अरुण बाबूजी गोविंद पाराशर महेश पाराशर मुंडवा लगे रहे। चिकित्सकों ने सभी घायल पंडितों की हालत खतरे से बाहर बताई है।

    हॉस्पिटल में बैड़ कम पड़े
    एक साथ 13 पंडितों को उपचार के लिए भर्ती किया गया। इसके चलते हॉस्पिटल के वार्ड में बैड़ कम पड़ गए। स्थिति यह हुई कि एक पलंग पर दो-दो पंडितों का इलाज किया गया।

    ये पंडित हुए जख्मी
    सुभाष पुत्र रामकिशन ओझा प्रतापगढ़, बृजेश पुत्र रामचंद्र मिश्रा प्रतापगढ़, ऋषभ पुत्र दीपक मिश्रा यूपी , सुशील पुत्र कमलकांत भादरा, अभिषेक पुत्र संतोष पांडे उड़ीसा, यश पुत्र जयनारायण भादरा , अमित पुत्र लक्ष्मीकांत भादरा, प्रदीप द्विवेदी प्रतापगढ़ , अंकित पुत्र रविशंकर यूपी, अर्पित पुत्र प्रकाश तिवाड़ी वृंदावन , प्रेम पुत्र प्रदीप प्रतापगढ़,
    कुलदीप पुत्र विनय प्रतापगढ़,
    अभिषेक त्रिपाठी पुत्र रामकुमार यूपी है।

गांव में काफी साल से रह रहा था लंगूर
ग्रामीणों ने इसके बाद संयुक्त तौर पर बैठक कर फैसला लिया था कि लंगूर का अंतिम संस्कार पूरे रीति-रिवाजों से किया जाएगा। मौत के बाद ग्रामीणों की ओर से उसी रात लंगूर की अर्थी पूरे गांव में निकाली गई थी। जिसके बाद उसके शव को श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया। लंगूर से पूरे गांव को जुड़ाव था। उसने इतने साल किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाया था। लंगूर की मौत से ग्रामीणों को गहरा सदमा लगा है।

गांव के पंडित ने बताया कि लंगूर की 10वीं पूरे रीति-रिवाजों से पूरी की गई है। मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया था। जिसमें काफी लोग जुटे। वहीं, गांव के लोगों ने मुंडन भी करवाया। लंगूर के साथ पूरे गांव का जुड़ाव था।

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