दिव्यागंजनो के लिए मिसाल है परमेश्वर वैष्णव

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

दिव्यागंजनो के लिए मिसाल है परमेश्वर वैष्णव

अजमेर । केकडी निवासी श्री बजरंग दास वैष्णव एवं श्री मति मनभर देवी वैष्णव के घर चोथे पुत्र परमेश्वर टीलावत ने जन्म लिया है , जन्म से ही चचंल व मेघावी रहे । तीन वर्ष की उम्र मे ही बाये पैर मे पोलियो हुआ , जो चिकित्सक परामर्श के बाद भी ठीक नहीं हो सका , व परमेश्वर निशक्त हो गए । समाज के थपेड़ों ने उस समय ओर ग्रसित कर दिया , जब छ वर्ष की उम्र मे आये तो बाल विवाह जैसी कुरुती के शिकार होकर दिव्यांग बालिका काटोली ( मालपुरा ) जिला टोंक निवासी गीता देवी से बाल विवाह हो गया । समय निकलता रहा । परमेश्वर ने निशक्तता को अपने ऊपर हावी नही होने दिया । ओर अपनी शैक्षिक योग्यता को सफलतापूर्वक अर्जित करते हुए स्नातकोत्तर तथा शिक्षा स्नातक की डिग्री प्राप्त की । उस समय की रोजगार की आवश्यकता के कारण इन्होंने अपनी संस्था बनाकर निजी विधालय का संचालन शुरू किया तथा निश्चय किया की जिनके कारण मेरे जीवन मे बेरियर उत्पन्न हुऐ है , वह दूसरों के जीवन मे नही आये । उनका सहायक परमेश्वर बने । ऐसे ही दृढ निश्चय करते हुए उनके रोजगार के साधन तैयार किये । जिसमे चाय की होटल , एसटीडी व पीसीओ से स्वयं का व्यापार शुरू किया । समयानुसार समाज की आवश्यकतानुसार व्यवसाय मे परिवर्तन किया । आज सफलतापूर्वक केकडी बस स्टेण्ड के पास पंचायत समिति के सामने मुख्य मार्ग पर राघव आटो पार्ट्स के नाम से दुकान व गैराज संचालित करते हुए तीन आटो मिस्त्रियों को रोजगार उपलब्ध करवा रखा है । तथा उपखण्ड की ऐसी सभी संस्थायें जो दिव्यागंजनो के लिए कार्य कर रही हैं , उसमे भी पूर्ण भागीदारी रखते है । जिससे किऐ गये सेवा कार्यों के कारण उपखण्ड स्तर पर दो बार सम्मानित तथा वैष्णव समाज की अखिल भारतीय संस्था मे राष्ट्रीय महासचिव शिक्षा निधि का दायित्व निर्वहन कर रहे है । इनके द्वारा इलेक्ट्रॉनिक सोसल मिडिया , यू ट्यूब पर वैष्णव वीर न्यूज़ चैनल का संचालन किया जा रहा है । इनकी धर्म पत्नी श्री मति गीता देवी जो कि स्वयं दिव्यांग है के सहयोग से पारिवारिक जीवन सफलतापूर्वक चल रहा है । इनके परिवार मे दो बेटियां व एक बेटा है , जो अपनी शैक्षिक यात्रा मे अग्रसर है । बेटियों ने बीएसटीसी व बीपीईडी की डिग्रीया अर्जित की है । तथा बेटा बैंक मे कार्यरत है । जब कभी भी कोई दिव्यांग किसी कार्य से इनके पास आता है , तो यह सदैव सहायता हेतू तैयार रहते है ।

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