भारत में महिलाओं की भागीदारी अब हर क्षेत्र में बड़े पैमाने में देखने को मिल रही है. महिलाओं को और बढ़ावा देने के लिए सरकार भी कई योजनाएं चला रही है. सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. जिससे सरकारी विभागों व निजी दफ्तरों में काम कर रही महिलाओं के लिए घर से काम यानि कि वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाएगी. आइये जानते है इसके बारे में सबकुछ
ऐसे ही राजस्थान सरकार ने आत्मनिर्भर बनाने की ओर एक बड़ा कदम उठाया है. जिसके लिए राज्य में नई योजना लागू की जा रही है. इस योजना के तहत सरकारी विभागों व निजी दफ्तरों में काम कर रही महिलाओं के लिए घर से काम यानि कि वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाएगी.
इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा, हिंसा से पीड़ित व दिव्यांग महिलाओं को पहले प्राथमिकता दी जाएगी. इस योजना के तहत महिलाओं को घर से काम करने के साथ नए रोजगार के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं. बता दें कि अभी इस योजना के तहत महिलाओं को टाइपिंग, डेटा एनालिसिस, अकाउंटिंग संबंधी,सॉफ्टवेयर डिजाइनिंग, सिलाई, ग्रेडिंग, काउंसिलिंग सेवाएं आदि का काम उपलब्ध कराया जाएगा.
- श्री बामणियां बालाजी धाम मन्दिर स्थित शिव मंदिर में हुई सहस्त्र जल धारा, भव्य सजावट व झांकियों ने मोहा भक्तों का मन
- जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय अजमेर में अति दुर्लभ मलद्वार मार्ग पुननिर्माण का किया सफल आपरेशन
- राज्य स्तरीय अगंदान जागरुकता कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अजमेर को मिला सर्वश्रेष्ठ NTORC सेन्टर पुरस्कार
- पतंजलि योग समिति ब्यावर में योग कराने वाले प्रवीन मंगल बने सहयोग शिक्षक
- पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय नसीराबाद का संकुल स्तरीय राष्ट्रीय एकता पर्व प्रतियोगिता में रहा शानदार प्रदर्शन , विधालय का क्षेत्रीय स्तर के लिए हुआ चयन
जनाधार के जरिए होगा पंजीकरण
वर्क फ्रॉम होम योजना का लाभ पाने के लिए राजस्थान की महिलाओं को मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम (Mukhyamantri Work From home) की आधाकारिक वेबसाइट mahilawfh.rajasthan.gov.in पर जाना होगा. जिसके बाद वह जनाधार कार्ड के माध्यम से आपना पंजीकरण करवा सकती हैं.
जिसके बाद उनकी योग्यता व अनुभव के आधार उन्हें नौकरी दी जाएगी तथा पद के अनुसार ही उनका वेतन निर्धरित होगा. खास ध्यान देने वाली बात है कि इस योजना के तहत केवल राजस्थान की मूल महिलाएं ही आवेदन कर सकती हैं.
6 महीने में 20 हजार महिलाओं को मिलेगा रोजगार
वर्क फ्रॉम होम योजना के लिए राजस्थान सरकार ने 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है और छह महीने में लगभग 20,000 महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है. अब तक 150 से अधिक महिलाओं और 9 कंपनियों ने इस योजना के लिए पंजीकरण कराया है.