आयुक्त उमाशंकर शर्मा को सौंपा ज्ञापन व मांगा निस्तारण
दिव्यांगजनो के काम नही होने से दिव्यांग हताश एवं परेशान
दिव्यांग जगत
चुरू। विप्र समाज के एक निजि कार्यक्रम में सम्मिलित होने आए कमिश्नर उमाशंकर को चूरू जिले के सादुलपुर उपखण्ड में एक 13 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया जिसमें बैकलॉग निकालने, आम दिव्यांग की पेंशन वृद्धि,स्वरोजगार,अधिनियम की पालना करवाने, विशेष शिक्षक भर्ती करने,कार्मिकों का वाहन भत्ता वृद्धि आदेश,500 से650 और 200 km, 100 km दूर पदस्थापितों को गृह जिलों में निकटतम स्थान दिलवाने,स्कूटी वितरण व संख्या वृद्धि,महिला दिव्यांगों को वशेष सुविधाएं प्रदान करने,विशेष भर्ती अभियान चलाकर सभी विभागों में पद भरने जिसमे सभी संवर्गों में केवल दिव्यांग ही फॉर्म भरें, शिक्षा निदेशालय द्वारा बार बार काउंसलिंग व पदस्थापन में मनमर्जी से अधिनियम को परिभाषित कर 70 प्रतिशत से अधिक,कभी 50 या अधिक,कभी दोनों पैरों से दिव्यांग आदि शब्द परन्तुक मनमर्जी से जोड़कर लाभ नहीं दिया जा रहा है जबकि बेंचमार्क डिसेबिलिटी 40 एंड मोर देन 40 पर अधिनियमनुसार सभी लाभ दिये गए है,ये अवसरों की समानता व अधिकारों की परिलब्धता के खिलाफ है सो अधिकारियों को निर्देशित किया जावे,कलेक्टर व sdm द्वारा गठित समितियों में सुझाव हेतु दिव्यांगों को सम्मिलित करवाया जावे। आरक्षण पूरा 4% पद्दोन्नति व नौकरी दोनो में 1995 से देवें,फर्जी प्रमाणपत्रों पर हाल ही में हुई भर्तियों के मामले में तुरंत संज्ञान लेने,उनके मर्जी के विरुद्ध स्थानांतरण ना करने व अन्य शोषण उत्पीड़न,कार्य स्थलों पर अत्याचार व दुर्व्यवहार आदि पर रोक लगवाते हुए सजा का प्रावधान होने के बावजूद एफ आई आर तक दर्ज ना होना आदि विभिन्न विषयों पर तीन अलग अलग मांग पत्र संयुक्त हस्ताक्षरित दिए गए। देने वालों में मनोज पूनिया,जंगवीर सिंह,विकास अधिकारी अशोक कुमार,चक्रधर शर्मा,गजराज सिंह राठौड़,सज्जन पूनिया,सद्दाम,देवदत्त ख्यालिया,दीन बंधु शर्मा आदि थे। आयुक्त से जिलों में जनसुनवाई रखने व मोके पर ही निस्तारण करवाने का आग्रह किया गया।आयुक्तालय जे पत्रों की अवहेलना,विभागों की लापरवाही व गैर जिम्मेदाराना रवैय्ये पर शिकायत की गई। आयुक्त ने आश्वासन प्रदान किया।