बस ड्राइवर की दिव्यांग बेटी ने रच दिया इतिहास

बस ड्राइवर की दिव्यांग बेटी ने रचा था इतिहास

11 घंटे लगातार तैरकर अमेरिका की कैटलिना चैनल को किया पार

जांजगीर-चांपा: कहते हैं दुनिया में कोई भी काम नामुमकिन नहीं है. ऐसे ही एक नामुमकिन काम को मुमकिन कर दिखाया है छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा की बेटी अंजली ने. दिव्यांग होने के बाद भी अंजली ने लगातार 11 घंटे 46 मिनट तक तैरकर 35 किमी. लंबी अमेरिका की कैटलिना चैनल को पार करके इतिहास रचा है. ऐसा कारनामा करने वाली अंजली एशिया की पहली महिला तैराक बन गई है. अंजली पटेल ने लॉस एंजेलिस में भारत का झंडा फहराकर देश के साथ प्रदेश का भी नाम रोशन किया है. पेशे से कंप्यूटर ऑपरेटर अंजली पटेल पैरा स्विमिंग में कॉमनवेल्थ गेम भी खेल चुकी है.

अंजली ने बताया कि पांच अन्य दिव्यांग साथियों के साथ 35 किमी लंबे चैनल को पार करने की पहले प्रैक्टिस की. अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक स्विमिंग प्रतियोगिता के फाइनल राउंड तक पहुंचने वाली अंजली आठवें स्थान पर रही थी, लेकिन लगातार प्रयास के बाद अंजली ने लॉस एंजेलिस में भारत का झंडा फहराकर देश के साथ अपने मां-बाप का भी नाम रोशन किया है. अंजली ने बताया कि टीम दिल्ली से 6 अगस्त 2019 को अमेरिका के लॉस एंजेलिस पहुंची. इसके बाद 8 से 17 अगस्त तक सभी ने अभ्यास किया और 18 अगस्त को रात 11 बजे से तैरना शुरू कर 11:46:56 मिनट में कैटलीना चैनल को पार कर लिया.

शार्क मछलियों से डरती थी अंजली:
अंजली ने बताया कि पहले कैटलिना चैनल को पार करने के लिए मैंने मना कर दिया था. शार्क मछलियों से बहुत डर लगता था. लेकिन बाद में किसी तरह हिम्मत जुटाकर कैटलिना चैनल को पार करने में सफलता हासिल कर ली. हौसले और बुलंद इरादे से टीम मनोबल कम नहीं हुआ.

कैटलिना चैनल में तैरने का था सपना:
अंजली पटेल के पास अमेरिका के लॉस एंजेलिस जाने के लिए पैसे भी नहीं थे. अंजली के पिता बस ड्राइवर हैं. घर की अर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है. इसके बावजूद अंजली का हौसला कभी कम नहीं हुआ. पिता ने रिश्तेदारों से साढ़े तीन लाख रुपए उधार लिए ताकि कैटलिना चैनल में तैरने का अंजली का बचपन का सपना पूरा हो सके.

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