मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। भारत विकास परिषद महाराणा प्रताप शाखा, केकड़ी एवं रोटरी क्लब जयपुर मेजेस्टी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को अजमेर-जयपुर बाईपास रोड स्थित प्रेम मैरिज गार्डन में निःशुल्क कृत्रिम हाथ वितरण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में हाथ से वंचित दिव्यांगजनों को आधुनिक तकनीक से निर्मित कृत्रिम हाथ उपलब्ध करवाकर उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग दिया गया। कृत्रिम हाथ मिलने के बाद लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ नजर आया।
शिविर में कुल 45 जरूरतमंद दिव्यांगजनों ने पंजीयन करवाया। विशेषज्ञों की टीम ने प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति की बारीकी से जांच एवं आवश्यक माप लेकर पात्रता का निर्धारण किया। जांच प्रक्रिया के बाद पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले 12 दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम हाथ (प्रोस्थेटिक हैंड्स) लगाए गए। लंबे समय से हाथ के अभाव में दैनिक कार्यों में परेशानी झेल रहे लाभार्थियों के लिए यह शिविर उम्मीद और आत्मनिर्भरता का नया अवसर लेकर आया।
कृत्रिम हाथ लगने के बाद लाभार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों को करने का प्रयास किया। इस दौरान उनके चेहरों पर दिखाई दी खुशी ने शिविर में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे सेवा कार्यों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल कृत्रिम अंग उपलब्ध करवाना ही नहीं, बल्कि उन्हें सामान्य जीवन जीने के लिए आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संबल प्रदान करना भी है।
सेवा कार्य में परिषद सदस्यों की सक्रिय भागीदारी
शिविर को सफल बनाने में भारत विकास परिषद महाराणा प्रताप शाखा के शिविर प्रभारी भगवान महेश्वरी, महेश मंत्री, अध्यक्ष विकास जैन, सचिव जगदीश पारीक एवं कोषाध्यक्ष जयप्रकाश जैन सहित रामनेश विजयवर्गीय, योगेंद्र पारीक, सुभाष भाल, महावीर पारीक, दिनेश वैष्णव, रवि मुनिया, महावीर वैष्णव, दीपक जैन, रोमिल जैन, रविन्द्र सिंह, दीपक भक्तानी, हिमांशु फतेहपुरिया, अभिषेक मंत्री एवं अशोक लोहार ने सक्रिय भूमिका निभाई।
रोटरी क्लब एवं दिव्यांग संगठन का भी सहयोग
शिविर में रोटरी क्लब जयपुर मेजेस्टी की ओर से एस.एल. गंगवाल, अध्यक्ष मेघश्याम गुप्ता, सेक्रेटरी कमल जैन, संजली गुप्ता, स्वाति बंसल, एकांश जैन एवं पार्श्वी जैन सहित अन्य सदस्यों ने व्यवस्थाओं एवं सेवा कार्य में सहयोग दिया। वहीं दिव्यांग संघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर कांसोटिया एवं अन्य सदस्यों ने भी शिविर में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आयोजकों ने कहा कि समाज के सक्षम वर्ग को दिव्यांगजनों के सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। सामूहिक प्रयासों से दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। केकड़ी में आयोजित यह शिविर सेवा, सहयोग और संवेदना का उदाहरण बनकर सामने आया, जहां 12 जरूरतमंदों को कृत्रिम हाथ देकर उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार किया गया।