मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। समय शिक्षा अभियान के समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के तहत विशेष आवश्यकता वाले ( सीडब्ल्यूएसएन) दिव्यांग बच्चों को स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार की और से 3 से 4 प्रकार के भत्ते दिए जाते हैं। जिसके लिए हर वर्ष आवेदन करना होता है। परिवहन ( ट्रासंपोर्ट) , एस्कार्ट (सहायता) एवं रीडर भत्ता, बालिकाओं के लिए अलग से गर्ल्स स्टाइपेंड भत्ता भी दिया जाता है। सम्बंधित बालिका के साथ 40 प्रतिशत या इससे अधिक का दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। यह योजना बालिका शिक्षा फाउन्डेशन राजस्थान जयपुर के माध्यम से संचालित की जाती है। आवेदन शाला दर्पण के द्बारा आनलाइन भरे जाते हैं। अभी किशनगढ़ क्षेत्र में प्रति वर्ष करीब सवा सौ से अधिक दिव्यांग विधार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। विगत सत्र 2026-26 अनुसार कक्षा 9 से 12 में कुल 18 बालिकाएं एवं कक्षा 1 से 8 में कुल 25 बालिकाएं शामिल थी।
इस प्रकार मिलता है भत्ता
सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक पढ़ने वाले पात्र दिव्यांग विधार्थियों को विधालय आने जाने के लिए किराए के तौर पर परिवहन भत्ता दिया जाता है। परिवहन भत्ता -250 रुपए, एस्कार्ट भत्ता – 250 रुपए एवं पीएम श्री विधालय में अध्ययनरत को 300 रुपए प्रतिमाह दिया जाता है। वाचक भत्ता यानी रीडर एलाउंस केवल दृष्टि बाधित बालक – बालिकाओं को 200 रुपए प्रतिमाह दिया जाता है। इसके अलावा राजस्थान सरकार को चारु चन्द्र बोस आर्थिक सबलता पुरस्कार योजना के तहत राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बालिकाओं को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता दी जाती है। राजकीय विद्यालयों को कक्षा 1 से 12 तक नियमित अध्ययनरत मूक बधिर, नेत्रहीन ओर अन्य दिव्यांग बालिकाओं को सहायता राशि के रुप में कक्षा 1 से 8 वी तक की बालिकाओं के लिए राशि 2 हजार रुपए प्रतिवर्ष तथा कक्षा 9 से 12 तक की बालिकाओं के लिए राशि 5 हजार रुपए प्रतिवर्ष दी जाती है। सत्र 2025-26 अनुसार कक्षा 9 से 12 वी में 18 बालिकाएं शामिल थी। मालूम हो कि गत वर्ष स्टाइपेंड योजना का लाभ 35 छात्राओं को मिला था । इसमें कक्षा एक से आठवीं तक की 17 तथा कक्षा नौ से बारहवीं तक की 18 छात्राएं शामिल थी ।
इस योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करना है। योजना के तहत दिव्यांग छात्राओं को इसका लाभ प्राप्त होगा। राइट आफ पर्सन विद डिसेबिलिटी 2016 के तहत 21 श्रेणियों की दिव्यांगता वाली छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा। इनमें अस्थि दृष्टि, दृष्टि दोष, श्रवण दोष, मानसिक विमंदित, सेरेब्रल पाल्सी और आटिज्म आदि शामिल हैं। राशि का उपयोग संस्था प्रधान किसी अन्य मद में नहीं कर सकेंगे।