राजगढ़ धाम में भैरव बाबा की मूूर्ति स्थापना गुरुवार को- बुधवार को मूतियों का हुआ नगर भ्रमण
राजगढ़ धाम में भैरव बाबा की मूूर्ति स्थापना गुरुवार को- बुधवार को मूतियों का हुआ नगर भ्रमण
501 कलशो के साथ निकली शोभा यात्रा
101 जोड़ो ने दी हवन यज्ञ में आहुति
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ पर मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान बुधवार को बाबा भैरव, सन्त सिरोमणि सेनजी महाराज, माँ दुर्गा, हनुमान जी महाराज, बाबा रामदेव और शिव परिवार इन सभी देवताओ की मूर्तियों का नगर भ्रमण शोभायात्रा के रूप में किया गया। धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया कि राजगढ़ धाम परिसर में गुरूवार को प्रातःकाल हवन यज्ञ होगा , उसके बाद में बाबा भैरव, सन्त सिरोमणी सेनजी महाराज, माँ दुर्गा, हनुमान जी महाराज, बाबा रामदेव और शिव परिवार की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा होगी। नगर भ्रमण शोभायात्रा का प्रारम्भ चक्की वाले बाबा के मुख्य मंदिर से प्रारम्भ हुआ जहाँ पर राजगढ़ धाम के मुख्य उपासक महाराज द्वारा ठिकाना राजगढ़ के ठा. विष्णुप्रताप सिंह, ठा. विजय सिंह व ठा. प्रेम सिंह गौड के नेतृत्व में पण्डित चन्द्र प्रकाश आचार्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चर के साथ कलश व ध्वजा के साथ बाबा भैरवनाथ की पूर्जा अर्चना की गई। शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु हाथ में झण्डे लिए डीजे व बैण्ड की धुन पर नाचते गाते महोत्सव का आनन्द ले रहे थे। शोभा यात्रा के दौरान 501 कलश महिलाओ द्वारा लेकर चल रही थी। कलश यात्रा में प्रदेशभर से आई महिलाओ ने भाग लिया। वीर तेजाजी धाम राजगढ़ मंदिर पर चम्पालाल महाराज द्वारा पूजा व आरती की गई। शोभायात्रा राजगढ़ सदर बाजार होते हुए रेगरान मौहल्ले में पहुँची। शोभायात्रा के दौरान राजगढ़ ग्रामवासियों द्वारा मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज का जगह-जगह स्वागत किया गया व शोभायात्रा में पुष्पवर्षा की गई। रेगरान मोहल्ला स्थित शिव मंदिर पर रेगर समाज द्वारा चम्पालाल महाराज का स्वागत किया गया । शोभायात्रा का समापन भैरव धाम पर हुआ जहाँ चम्पालाल महाराज द्वारा सभी देवताओ की आरती की गई। शोभा यात्रा के पश्चात धाम परिसर में हवन यज्ञ प्रारम्भ हुआ जिसमें 101 जोड़ो ने सम्मिलित होकर आहुति दी। कार्यक्रम में अविनाश सेन, तारा चन्द, राहुल सेन, मुकेश सेन, कैलाश सेन, श्याम सेन, विष्णु सेन, राकेश सेन, ओमप्रकाश सेन, धर्मेन्द्र सेन, राजेश सेन, कालुराम सेन, महेन्द्र सेन, राजेन्द्र सेन, नितिन सेन, अजय बुढ़ानिया, अजयु मोटसरा, रामसिंह बावल, कमलेश, शंकरनाथ, अनिल कटारिया आदि मौजूद रहे।


