दिव्यांगो के समावेशी करण में गैर दिव्यांगो की सहानुभूति आवश्यक, 30 राजकीय विद्यालयों में चौलेजिंग चौलेजस गतिविधियों का सफल आयोजन हुआ सम्पन्न
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। राजस्थान महिला कल्याण मंडल, चाचियावास अजमेर द्वारा संचालित सागर कॉलेज एवं मीनू CBR के संयुक्त तत्वावधान में “चौलेंजिंग चौलेंजस” गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना तथा गैर दिव्यांग व्यक्तियों में समानुभूति का विकास करना रहा।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 30 राजकीय विद्यालयों में गतिविधियों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 313 शिक्षक एवं 4517 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। संस्था की सचिव एवं मुख्य कार्यकारी क्षमा आर. कौशिक ने बताया कि जब तक गैर दिव्यांग व्यक्तियों में दिव्यांगजनों के प्रति समानुभूति विकसित नहीं होगी, तब तक समाज में उनका वास्तविक समावेशीकरण संभव नहीं हो पाएगा। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल से दिव्यांग बच्चों को समान अवसर मिलने के साथ उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन में आने वाली चुनौतियों का अनुभव कराया गया। मुख्य गतिविधियों में आंखों पर पट्टी बांधकर वस्तु की पहचान करना, शीशे में देखकर रास्ता ढूंढना, एक हाथ से गुब्बारा फुलाना, बॉडी बैलेंस बनाना, आंशिक दृष्टि से पढ़ना तथा मेमोरी गेम शामिल रहे। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों में संवेदनशीलता और समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में अधिकांश विद्यालयों एवं विद्यार्थियों द्वारा सकारात्मक फीडबैक दिया गया। विद्यार्थियों ने बताया कि खेल-खेल में उन्हें दिव्यांगजनों के जीवन की कठिनाइयों को समझने का अवसर मिला, जो उनके लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। साथ ही उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि अब उनके भीतर दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ी है और वे भविष्य में उनकी सहायता के लिए तत्पर रहेंगे।
इस आयोजन में सागर कॉलेज के विद्यार्थियों, मीनू CBR टीम एवं संस्था से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इनमें निदेशक राकेश कुमार कौशिक, अतिरिक्त निदेशक तरुण शर्मा, मॉनिटरिंग ऑफिसर विपुल कवरिया, उदय कोर्डिनेटर अंजलि महेश्वरी, वीणा कश्यप, राहुल प्रजापत, साकिर खान, पारुल शक्तावत, रीना शर्मा, सिमरन खातून, रामनिवास सरगरा, छगन मेघवंशी, शरीफ मोहम्मद, देवाराम गुर्जर सहित अन्य का योगदान सराहनीय रहा।
गतिविधियों का आयोजन राजकीय विद्यालय भुनाभाई, राजकीय विद्यालय राजेंद्र नगर (अजमेर), राजकीय विद्यालय पुष्कर, राजकीय विद्यालय होकरा, राजकीय विद्यालय सुभाष नगर, राजकीय विद्यालय अजय नगर, राजकीय विद्यालय चाचियावास, राजकीय विद्यालय नरवर, राजकीय विद्यालय किशनपुरा, राजकीय विद्यालय गनाहेड़ा, राजकीय विद्यालय चौरसियावास, राजकीय विद्यालय नांद, राजकीय विद्यालय नांद सीनियर सेकेंडरी, राजकीय विद्यालय कायमपुरा, राजकीय विद्यालय मानपुरा की ढाणी, राजकीय विद्यालय अरड़का, राजकीय विद्यालय कायड़, राजकीय बालिका विद्यालय कुचिल, राजकीय विद्यालय मगरा, राजकीय विद्यालय भवानी खेड़ा, राजकीय विद्यालय पदमपुरा, राजकीय विद्यालय मधेपुरा, राजकीय विद्यालय तिलोरा, राजकीय विद्यालय मालपुर, राजकीय विद्यालय रातिडांग, राजकीय विद्यालय श्रीनगर रोड, राजकीय विद्यालय लेसवा, राजकीय विद्यालय देवनगर सहित कुल 30 विद्यालयों में सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

