राजगढ धाम पर वो हुआ जिसका सभी को था इंतजार

राजगढ धाम पर हुआ अखण्ड़ ज्योति का विधिवत समापन

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर । अजमेर जिले के विख्यात श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ पर चल रहे शारदीय नवरात्रा मेला महोत्सव के समापन समारोह में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। देश-प्रदेश के श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला नवमी रात्रि से ही हो गया । बाबा भैरव व माँ कालिका के जयघोष के साथ मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज द्वारा मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की पूजा-अर्चना कर बाबा भैरव व माँ कालिका की आरती की गई। धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया की शारदीय नवरात्रा महोत्सव में श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ चैरीटेबल ट्रस्ट द्वारा आने वाले श्रद्धालुओ के लिये विशेष व्यवस्थाये की थी। मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज द्वारा शारदीय नवरात्रा मेला महोत्सव 26 सितम्बर (एकम) प्रारम्भ हुई जोे 05 अक्टूबर 2022 (दशम) प्रातःकाल तक चली जिसका विधिवत समापन किया गया। समापन के पश्चात धाम पर आये हुए सभी श्रद्वालुओ को बाबा भैरव ने अपने करकमलो से दशम तक चली अखण्ड ज्योति की विशेष रामबाण ओषधी रूपी चिमटी (भभूत) का वितरण किया गया। धाम पर यह अखण्ड़ ज्योति निरन्तर 24 घण्टे चलती रही जो कि लगातार 9 दिनो तक प्रज्जवलित रही। इस अखण्ड़ ज्योति की विशेषता यह है कि जिस पात्र में इसको प्रज्जवलित किया जाता है उसमे हजारो नारियल की संख्या में नारियल की चिटक, कई पीपे तेल के व धूप हवन सामग्री ड़ालने पर भी यह पात्र कभी भरता नही है। इस अखण्ड़ ज्योति के दर्शन मात्र से ही आये हुए सभी श्रद्वालुओ के रोग कष्ट बाधाए आदि दूर हो जाती है। धाम पर आये श्रद्वालुओ ने सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की विशेष परिक्रमा कर बाबा भैरव से अपनी मन्नत मांगी। राजगढ़ धाम राजस्थान ही नही अपितु सम्पूर्ण देशभर में एक मात्र ऐसा देवस्थान जहाँ दान, चन्दा, रूपया-पैसा नही लिया जाता है और चम्पालाल महाराज निस्वार्थ भाव से आने वाले श्रद्धालुओ की सेवा कर रहे है । महाराज ने आये हुये श्रद्वालुओ को स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिये भी प्रेरित किया और कहा कि आज हर इंसान धन को दान करने की होड़ में लगा रहता है क्योकि उसे पता है कि धन का दान करने से उसका नाम रोशन होगा लेकिन वो ये नही समझ पाता की धन के दान से बड़ा होता है रक्तदान । रक्त का दान करने से शरीर में रक्त की कमी नही होती है, नया रक्त बन जाता है। महाराज ने कहा कि जब बाबा आपका मात्र एक चिमटी के सेवन से सारे असाध्य रोगो का निवारण करते है तो क्या एक इंसान अपना रक्त दान करके दूसरे इंसान का जीवन नही बचा सकता। महाराज ने सभी सेे नशे की बुरी लत को छोडने के लिये भी आवाहन किया। नवमी की रात्रि मे भजन गायक ज्याति सैनी व ममता सोनी ने अपनी मधुर आवाज में भैरू जी नाना रे नाना, दरबार है निराला काली के लाल का, अब तो आजा रे भैरू जी, मैया रानी तो छिप रही पहाड़ा मे, आजा ये भवानी, राजगढ मे लाग्यो दरबार, झीणी झीणी उडे रे गुलाल आदि भजनो को सुनकर मंत्रमुग्ध होकर झूम झूम कर नाचने लगे। शारदीय नवरात्रा महोत्स के दौरान राजगढ़ धाम रोशनी से जगमगा रहा था। मुख्य मंदिर व भैरव मंदिर अदभुद लाईटो के द्वारा सजाया सवंरा गया जो कि विशेष आकर्षण का केन्द्र बनी रही।

नया गांव व राजगढ़ गांव की और से चढा झंड़ा
राजगढ़ धाम पर शारदीय नवरात्रा मेला महोत्सव के समापन समारोह से पूर्व नवमी की रात्रि में ही नया गांव कांस्या एवं राजगढ़़ ग्रामवासियो की और से बाबा भैरव नाथ व मां कालिका के झंड़ा चढाया गया। झंडा रात्री 8 बजे ग्राम राजगढ़ सदर बाजार से प्रारम्भ होकर ड़ीजे की धुन पर नाचते गाते झुमते हुए चक्की वाले बाबा के मंदिर पर धोक लगाई फिर वही से जुलुस के रूप में ग्रामवासी नाचतें गाते मुख्य मंदिर सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ पर चल रही अखण्ड़ ज्योति स्थल पर 11.30 अजे पहुँचा। जिसके बाद हरिनिवास काबरा, कमल शर्मा, गणपत सिंह, हरी माली, भोला सिंह, शंकर महावर, कान सिन्ह, सावरा कुम्हार, बिसन सिन्ह, मोनू गुर्जर,किशन सिंह,मुकेश खीची, किरण सिंह, प्रदीप काबरा, सुरेश सिंह, गणेश माली,शंकर सिंह,मंगला माली, कान सिन्ह कालू आदि नया गांव कांस्या एवं राजगढ़़ ग्रामवासियो की और से मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज का शाफा व शॉल ओढाकर भव्य स्वागत किया गया।

अखण्ड़ ज्योति की चिमटी लेने के लिए लगी लंबी कतारें
धाम पर शारदीय नवरात्रा लख्खी मेला महोत्सव में चल रही अखण्ड़ ज्योति का विधिवत समापन प्रातःकाल 4 बजे किया गया। लख्खी मेले मे देशभर से आये लाखो की संख्या में श्रद्वालुओ ने भैरव बाबा व मा कालिका के दर्शन कर सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्थ की परिक्रमा कर चम्पालाल महाराज का आशिर्वाद प्राप्त किया । नवरात्रा मेला महोत्सव के समापन समारोह में देश-प्रदेश के श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला नवमी रात्रि से ही हो गया था। श्रद्धालु सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की परिक्रमा करने व अखण्ड़ ज्योति की विशेष चमत्कारी चिमटी प्राप्त करने के लिए रात से ही लम्बी कतारों में खड़े हो गए। विधिवत समापन के पश्चात श्रद्वालुओं ने मसाणिया भैरव एवं कालका माता के दर्शन कर मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की परिक्रमा लगाते हुए मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना कर अखण्ड़ ज्योति की विशेष चमत्कारी चिमटी प्राप्त की।

चैत्र नवरात्रा मेला महोत्सव में इनका रहा योगदान
चैत्र नवरात्रा मेले के दौरान सुचारू व्यवस्था संभालने के लिए व्यवस्थापक ओमप्रकाश सैन, रमेश चन्द सेन, अविनाश सैन, प्रकाश रांका, राहुल सैन, के साथ श्याम शर्मा, कमल शर्मा, टी.एस. राणावत, मनोहर सिंह, धर्मेन्द्र, सुरेश दायमा, तिलोक जटिया, महेन्द्र रावत, रामसिंह बाबल, मोहन छीपा, शंकर महावर, कैलाश सेन, श्रवण रावत, चेतन आनन्द, पुनीत जांगीड़, शंकरनाथ, पदमचन्द जैन, सत्यनारायण सेन, सुरेश गुर्जर, महेश वरजानी, बाबू भाई, सुरेश काकाणी, रामप्रसाद मोर्य, अजीत चौधरी, हंसराज भडाणा, अमिताभ, पंकज सेन, रामप्रसाद जाग्रत, भूपेन्द्र, मनीष, कन्हैयालाल, देवानन्द, योविनेश, रामलाल,अजय, विनय, ओममाली आदि का विशेष योगदान महत्वपूर्ण रहा।

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