हिंसा की शिकार महिला, महिला संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत अदालत से सुरक्षा पाने के लिए कर सकती है प्रार्थना : गिरीबाला यादव

हिंसा की शिकार महिला, महिला संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत अदालत से सुरक्षा पाने के लिए कर सकती है प्रार्थना : गिरीबाला यादव

रिपोर्टर भगवत शर्मा
दिव्यांग जगत न्यूज पेपर & चैनल

नारनौल। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से स्थानीय पंचायत भवन में लगाई गई तीन दिवसीय डिजिटल प्रदर्शनी में आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पैनल अधिवक्ताओं ने प्रदर्शनी देखने आए लोगों को कानूनी जानकारी दी।
इस मौके पर अधिवक्ता गिरीबाला यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन करने आए लोगों व कॉलेज की छात्राओं को घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में घरेलू हिंसा की घटना व्यापक रूप से विद्यमान है। घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005 से पहले सिविल विधि में घरेलू हिंसा से संबंधित कोई भी कानून नहीं था। इस अधिनियम से पहले महिला महिला पर उसके पति या उसके संबंधियों द्वारा क्रूरता का कार्य भारतीय दंड संहिता की धारा 498 (क) के तहत अपराध था, परंतु घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005 महिलाओं के घरेलू हिंसा से पीड़ित होने पर संरक्षण विधि में उपचार का प्रावधान करता है। घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 को राष्ट्रपति ने 13 सितंबर 2005 को स्वीकृति दी तथा 26 अक्टूबर 2006 को अधिनियम लागू हुआ था।

उन्होंने बताया कि कोई भी महिला जो घरेलू संबंधों में हिंसा की शिकार हो वह अदालत से सुरक्षा का आदेश पाने के लिए प्रार्थना कर सकती है। घरेलू संबंधों में यहां वे सभी संबंध आते हैं जिनमें कोई महिला किसी और के साथ रहती हो जैसे कि शादी के बाद, जन्म से, गोद लेने पर या संयुक्त परिवार में रहने वाले। इनमें वह भी शामिल है जो कानूनन शादी के बिना ही पति-पत्नी के रूप में साथ रहते हैं। इस प्रकार की पत्नी, बेटी, मां या बिना शादी के साथ रहने वाली महिला मित्र इस कानून के अनुसार अदालत से सुरक्षा का आदेश पाने के लिए प्रार्थना कर सकती हैं।

उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 01282-250 322 पर भी फोन कर कानूनी जानकारी ले सकते हैं।
इस मौके पर पैनल अधिवक्ता सुरेश कुमार एसएस सुरेडिया व कानूनी स्वयं सेवक शुभम, सोनू, एवं सक्षम युवा राजन व निर्मला ने भी लोगों को कानूनी जानकारी दी। इस मौके पर लोगों को बुकलेट व पंपलेट भी वितरित किए।

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