शव यात्रा के साथ बदसलूकी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर वैष्णव समाज ने सौंपा ज्ञापन
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । सरवाड़ के निकटवर्ती ग्राम सापुन्दा गांव में कुछ दिन पहले वैष्णव समाज के 75 वर्षीय वृद्ध भगवान दास वैष्णव की मृत्यु हो गई थी । जिसको लेकर दाह संस्कार में समाज के सैकड़ों व्यक्ति मौजूद थे । लेकिन ग्राम के ही दबंग व्यक्तियों नाथ समाज के निवासीगण लोगों द्वारा अंतिम यात्रा ले जाने के दौरान वैष्णव समाज के लोगों के सामने अर्थी के साथ धक्का-मुक्की करने लगे और समाज के लोगों के साथ बदसलूकी की और शमशान भूमि पर दाह संस्कार करने से मना कर दिया । समाज के व्यक्तियों और ग्रामीणों ने उक्त व्यक्तियों को काफी समझाइश का प्रयास किया लेकिन यह लोग नहीं माने । वहीं शव यात्रा को लगभग 2 घंटे तक रोके रखा । इस अमान्य करण के कारण समाज के लोगो व परिजनो को कीचड़ में अर्थी को लेकर खड़े रहना पड़ा । वही नाथ समाज के लोगों को ग्रामीणों द्वारा समझाए के बावजूद भी नाथ समाज के लोग नहीं माने । तब समाज ने पुलिस प्रशासन को बुलाकर प्रशासन की मौजूदगी में शव का दाह संस्कार करवाया गया । लेकिन नाथ समाज के लोगों द्वारा वैष्णव पीड़ित परिवार व्यक्ति के खिलाफ पुलिस थाना सरवाड़ में मारपीट , छेड़छाड़ आदि का एक झूठा प्रकरण दर्ज करवाया गया । जब कि मौके पर ऐसी कोई अपराध घटित नहीं हुई थी । वही वैष्णव समाज की परंपरा के अनुसार मृत्यु से 12 दिन पर समाधि स्थापना पर चरण पादुका की रस्म आयोजित की जाती है । जिसमें दाह संस्कार किया जगह वहीं आयोजित की जाती है। इस अवसर पर समाज बंधु परिवारजन एकत्रित होते हैं । वही शव यात्रा में व्यवधान उत्पन्न करने वाले कुछ व्यक्तियों के खिलाफ आज तक कोई समुचित कार्रवाई नहीं हुई । ऐसे मे उनके हौसले बुलंद है । परिजनों ने इसलिए अंदेशा है कि उक्त व्यक्ति पगल्या स्थापना के समय के दिन भी सभी एक राय होकर कोई अपराध गतिविधियों को अंजाम दे सकते है । जिसको लेकर बुधवार को सभी समाज बंधु उपखंड अधिकारी , तहसीलदार, थाना अधिकारी को ज्ञापन दिया गया । ज्ञापन में यात्रा में व्यवधान उत्पन्न करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने व जब तक श्मशान भूमि आवंटित नहीं हो जाती तब तक राजस्व रिकॉर्ड में अकिंत नहीं हो जाता था । तब तक हमें उक्त स्थान पर ही दाह संस्कार करने दिया जाए । वर्तमान समाधि स्थल पर बनी हुई समाधि की सुरक्षा तथा इस वर्तमान शमशान भूमि का सीमा ज्ञान करवा कर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाया जावे ओर पगल्या स्थापना में कोई भी घटना गठित होती है तो पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी होगी । ज्ञापन देते समय केकडी़ वैष्णव समाज अध्यक्ष सीताराम वैष्णव , सरवाड़ समिति सचिव भगवान वैष्णव ,अशोक वैष्णव बोराडा , परमेश्वर वैष्णव अरनिया, कादेड़ा पूर्व सरपंच आसाराम वैष्णव , बनवारी सापुन्दा,बृज किशोर वैष्णव बघेरा, गोपालदास चकवी, राजेश वैष्णव राजपुरा, बद्रीलाल फतेहगढ़, बद्रीलाल बोराडा़ रामजीलाल सापुन्दा, नोरत, बालूराम भाटोलाव, गोविंद,रामगोपाल गुड़गांव ,शिवप्रसाद, गोपालदास, बजरंग दास हिंगतडा़, सहित समाज बंधु मौजूद रहे ।