राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील का दो दिवसीय जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन शुरू
वक्ताओं ने पहले दिन विभिन्न मुद्दों पर सम्बोधित किया
-नियामत जमाला-
भादरा,29 नवंबर / राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील का दो दिवसीय जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन डा. भीमराव अम्बेडकर सामुदायिक भवन सिरसा रोड भादरा में सोमवार से शुरू हुआ। जिला सम्मेलन प्रवक्ता दलीप सिंह बलौदा ने बताया कि सम्मेलन की अध्यक्षता रणजीत सिंह दुहारिया ने की तथा विशिष्ट अतिथि ओमपाल सिंह ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भादरा, जगदीश ढ़ाका, भंवर सिंह चौधरी, ईमरता चौधरी, प्रांतीय पर्यवेक्षक शर्दूल सिंह बड़िगा, अशोक प्रकाश कटारा, हरिसिंह बिश्नोई, राकेश कौशिक, रामस्वरूप पातलान एवं जयवीर सिंह कस्वां थे। सम्मेलन का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के सामने द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। सम्मेलन में पधारे अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। संगठन के प्रदेश पदाधिकारी भंवर सिंह चौधरी ने सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया। राममूर्ति स्वामी ने आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए वर्तमान परिस्थितियों में शिक्षकों के सामने आ रही चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने का आग्रह किया। उपशाखा अध्यक्ष शिशपाल आर्य ने सरकार द्वारा हर क्षेत्र में निजीकरण किए जाने का विरोध किया तथा पुरानी पैंशन बहाली का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। जिला मंत्री जयसिंह नोखवाल ने संगठन का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा वर्षभर की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। प्रदेश महिला मंत्री ईमरता चौधरी ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए स्थानांतरण नीति बनाकर स्थानांतरण करने की मांग राज्य सरकार से की। सरंक्षक मंडल के सदस्य एवं पैंशनर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रामस्वरूप पातलान ने सरकार की कर्मचारी व किसान एवं श्रमिक विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए पुरानी पैंशन बहाली सहित लोकतांत्रिक रुप से जन हितैषी कार्य करने पर बल दिया। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ओमपाल सिंह नारनौलिया ने कोरोना काल में विषम परिस्थितियों में शिक्षकों द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की एवं कार्यालय से संबंधित शिक्षकों की समस्त समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। जिला कोषाध्यक्ष देवीलाल सहारण ने शैक्षिक गतिविधियों पर विचार प्रस्तुत किए। जिला अध्यक्ष अशोक प्रकाश कटारा ने उपशाखाओं को और अधिक ऊर्जा से कार्य करने पर बल दिया। प्रदेश उपाध्यक्ष जोगेंद्र मोठसरा ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल दिया। प्रांतीय पर्यवेक्षक सर्दूल सिंह बड़िगा ने शिक्षकों से स्वअनुशासन व जागरूक बनकर आदर्श समाज के निर्माण पर बल दिया तथा राजकीय विद्यालयों में समस्त संसाधन उपलब्ध करवाकर अनुकूल शैक्षिक वातावरण बनाने पर जोर दिया। सम्मेलन में जिला शाखा व उपशाखाओं से सेवानिवृत शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन में शिक्षा विभाग में रिक्त पदों, प्रतिनियुक्तियों व शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाने,स्थाई स्थानांतरण नीति बनाकर लागू करने आदि विषयों पर भी विचार व्यक्त किए गए। सम्मेलन को महेंद्र सरावग, धर्मपाल देवना, दलीप सिंह बलौदा ,सतपाल बेनीवाल, हरिसिंह बिश्नोई, संतलाल बेरवाल, रामकुमार महिया, उम्मेद डूडी, दले सिंह,रमेश औला, बलवान वर्मा,धर्मवीर बेनीवाल, राकेश कौशिक, राजेंद्र गोदारा, जयवीर सिंह, रणजीत लुहारिया आदि वक्ताओं ने संबोधित किया।