वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से छात्र- छात्राओं को किया पीड़ित प्रतिकर स्कीम-2011 एवं जन उपयोगी सेवाओं के सम्बंध में जागरूक
–नियामत जमाला–
भादरा, 24 अगस्त / राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार बुधवार को वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट श्रीमती सुनीता बेड़ा सज्जन व सिविल न्यायाधीश सुश्री निधि पूनियां ने स्थानीय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय व श्रीमती गौरा देवी बालिका उ.मा.विद्यालय के साथ वर्चुयल विधिक सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें न्यायाधीश श्रीमती सुनीता बेड़ा सज्जन ने बताया कि पीड़ित प्रतिकर स्कीम, 2011 के अन्तर्गत हत्या, दुष्कर्म, लूट, एसिड अटैक आदि अपराध के परिणाम स्वरूप हानि या क्षति से ग्रस्त व्यक्तियों एवं उनके आश्रितों के पुनर्वास के लिए धारा 357 क दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 राजस्थान सरकार द्वारा लागू की गई है। इस योजना के तहत पीड़ित को योजना का लाभ दिया जाता है।वर्चुयल कार्यक्रम मेंं सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मैजिस्ट्रेट सुश्री निधि पूनियां ने जन उपयोगी सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इनमें डाक, टेलीफोन, बिजली, जल प्रदाय, स्वच्छता प्रणाली, अस्पताल, बीमा, बैंकिग, शैक्षिक या शैक्षणिक संस्थान, आवास, भू-संपदा सेवा आदि शामिल है। इन सेवाओं में कमी के विवादों का निराकरण स्थाई लोक अदालत के माध्यम से सुलह और समझौते के माध्यम से कराया जाता है। स्थाई लोक अदालत का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हनुमानगढ़ में किया जा रहा है। इनमें से किसी भी सेवा में कमी से व्यथित व्यक्ति स्थायी लोक अदालत में आवेदन कर वांछित अनुतोष प्राप्त कर सकता है। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत से होने वाले लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। वर्चुल कार्यक्रम में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की ओर से कुलदीप कुमार कस्वां प्रधानाचार्य, राजेश कुमार स्वामी अध्यापक, मोहनलाल राईका व्याख्याता, ओम सुड्डा व्याख्याता एवं श्रीमती गौरा देवी बालिका उ.मा.वि. की ओर से श्रीमती सीमा तंवर कार्यवाहक प्रधानाचार्य, रतनलाल बेनीवाल सहायक प्रशासनिक अधिकारी,मोहित भाटी कनिष्ठ सहायक व छात्र -छात्राएं एवं रोहताष कुमार लिपिक ग्रेड-प्रथम/रीडर मौजूद थे।
फोटो-वर्चुअल कार्यक्रम में जानकारी देते न्यायाधीश श्रीमती सुनीता बेड़ा सज्जन व सुश्री निधि पूनियां