राजस्थान मे 21 अगस्त से हो सकती है बत्ती गुल

राजस्थान मे 21 अगस्त से हो सकती है बत्ती गुल

_पावर इंजीनियर एसोसिएशन व राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन के अधिकारी व कर्मचारी जा सकते है हड़ताल पर

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर । जी हां! इन दिनों आप बिजली कटौती का सामना कर रहे होंगे। 24 घंटे में चार-पांच घंटे आपकी बिजली कटौती हो रही होगी। अब आप तैयार हो जाइए। 21 अगस्त के बाद में आपकी बिजली गुल भी हो सकती है। अब तक आप अपनी बिजली गुल होने पर कनिष्ठ अभियंता व अपने फीडर इंचार्ज (लाइनमैन) को फोन कर देते थे , लेकिन 21 अगस्त से कनिष्ठ अभियंता व फीडर इंचार्ज भी हड़ताल पर रहेंगे
अब आप सोचिए आपकी समस्या का समाधान करने वाला कौन होगा ? यह सब समस्या हो रही है राजस्थान सरकार की व बिजली प्रशासन की लापरवाही से।
गौरतलब है कि गहलोत सरकार ने 2022 में पुरानी पेंशन योजना लागू की थी । जिसमें सभी विभागों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ बिना किसी शर्त के दिया गया था । लेकिन बिजली कर्मचारियों व स्वायत्तशासी संस्थाओं,विश्वविद्यालयों आदि में पुरानी पेंशन देने के लिए डिमांड नोटिस जारी किए गए है , जो प्रत्येक कर्मचारी के दो लाख से लेकर 30 लाख रुपए तक है। अब भला एक कर्मचारी इतने पैसे कैसे जमा करवा सकता है । जबकि EPF के पैसे कर्मचारी पहले से जमा करवाता आ रहा है, लेकिन राजस्थान सरकार की हटधर्मिता यह है कि EPF के पैसे एक बार आपने जमा करवा दिए , फिर भी आपको दुबारा से जमा करवाने होंगे, तभी आपकी पुरानी पेंशन योजना लागू होगी। इसी बात को लेकर बिजली विभाग के सभी कनिष्ठ अभियंता(J.En.) व तकनीकी कर्मचारी 21 अगस्त से जयपुर में महापड़ाव करने जा रहे हैं।
आप सोच रहे होंगे कि एफआरटी हमारी समस्याओं का समाधान कर देगी
FRT व ठेकेदारों के द्वारा भी अपने कर्मचारीयों को वेतन समय पर नहीं दिया जा रहा है , साथ ही राजस्थान सरकार ने घोषणा की थी कि सभी प्राइवेट कर्मचारीयों या ठेका कर्मचारीयों को संविदा पर लिया जाएगा। वह आदेश भी अभी तक राजस्थान सरकार लागू नहीं कर पाई है, इसलिए सभी ठेकेदार के कर्मचारी व FRT के कर्मचारी भी इन्हीं तकनीकी कर्मचारियों के साथ में हड़ताल पर रहेंगे। यूं समझिए कि अगर आपकी बत्ती गुल हो जाती है तो कोई भी आपकी समस्या का समाधान करने वाला नहीं बचेगा। अब देखना यह होगा कि 21 अगस्त से पहले सरकार या निगम प्रशासन क्या फैसला लेता है।

Author: admin

Comments (0)
Add Comment