मुक्तिधाम पर पहुंचने के लिए नहीं है रास्ता, सरपंच के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रास्ता दिलवाने के लिए एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

मुक्तिधाम पर पहुंचने के लिए नहीं है रास्ता, सरपंच के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रास्ता दिलवाने के लिए एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

पंडित पवन भारद्वाज मुंडावर
मुंडावर। क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जसाई स्थित श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए रास्ता दिलवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच वीरेंद्र शर्मा के नेतृत्व में एसडीएम पंकज बड़गुजर को ज्ञापन सौंपा। सरपंच वीरेन्द्र शर्मा ने बताया कि गाँव में खसरा नम्बर 513 रकबा 0.25है. में शमशान घाट स्थित है, जहाँ पर जाने के लिए रास्ते का अभाव है, जिसके कारण अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने के लिए जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, परेशानी उस समय ज्यादा बढ़ जाती है जब खेतों में फसल लगी हो या फिर बरसात का मौसम हो। मुक्तिधाम तक रास्ता बनाए जाने के लिए ग्रामीण कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक रास्ता नहीं बन सका है। ग्रामीणों ने एसडीएम से खसरा नंबर 511 व 512 खेत की डोल के सहारे शमशान घाट तक जाने के लिए 12 फिट रास्ता दिलवाने की एसडीएम से गुहार लगाई है।

अर्थी के गिरने का लगा रहता है डर :- गांव के पास बने मुक्तिधाम पर अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने के लिए जाने वाले लोगों को काफी संभलकर निकलना पड़ता है, क्योंकि मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को खेत से होकर निकलना पड़ता है। कई बार तो अर्थी ले जाने वाले लोगों के फिसलने के कारण अर्थी के गिरने की स्थित बन जाती है, रास्ते में अर्थी न गिरे इसके लिए अर्थी के आसपास लोगों को ध्यान रखने के लिए चलना पड़ता है।

बरसात में बढ़ जाती है परेशानी :- मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए ग्रामीण सर्दी व गर्मी के मौसम में जैसे-तैसे निकल जाते हैं परंतु बरसात के मौसम में ग्रामीणों को अंतिम संस्कार करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है, क्योंकि बरसात के मौसम में खेतों में पानी भरा होने के कारण लोगों का मेड़ों पर चलना मुश्किल हो जाता है। मजबूरी में लोगों को खेतों से भरे पानी के बीच से होकर निकलना पड़ता है, क्योंकि मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए इसके अलावा दूसरा रास्ता नहीं है।

Author: admin

Comments (0)
Add Comment