गड्ढों में तब्दील हुई सड़क ,न विभाग, न ही जनप्रतिनिधि दे रहे ध्यान, क्या है हादसे इंतजार ?

गड्ढों में तब्दील हुई सड़क ,न विभाग, न ही जनप्रतिनिधि दे रहे ध्यान, क्या है हादसे इंतजार ?

पीडब्ल्यूडी विभाग की अनदेखी के चलते पुलिया के पानी निकासी की नहीं होने से ग्रामीण हो रहे परेशान ।
अशोक सैनी/दिव्यांग जगत।

उनियारा/टोंक ।

टोंक जिले के उनियारा उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत चौरू में जनप्रतिनिधियों सहित उच्चाधिकारियों की घोर अनदेखी तथा उदासीनता के चलते हुए पुलिया के पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीण परेशानहो रहे हैं। वहीं चौरू कस्बें में जगराम मीणा के मकान के सामने पुलिया बनी हुई है। लेकिन पुलिया का स्तर नीचा होने व रोड ऊंचा उठनेके कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। चौरू के ग्रामवासियों से मिली जानकारी के अनुसार उनके द्वारा तहसीलदार, गिरदावर सहित संबंधित विभागीय व प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित अवगत करा रखा है, फिर भी उपखण्ड प्रशासन, पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है, जबकि जनप्रतिनिधियों व उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद भी आखिरकार समाधान क्यों नहीं हो पा रहा हैं, उच्चाधिकारी व जनप्रतिनिधी क्यों मूकदर्शक बने हुए हैं। चोरू कस्बे के रामनिवास माली वार्ड पंच, रामफुल मीणा ताजी, जगराम मीणा, चिरंजीलाल सैनी, मुरारी लाल सैनी, बहादुर सिंह मीणा, कमलेश मीना, महावीर प्रसाद मीणा, विनोद कुमार नागर, सहित कई कस्बेवासियों ने बताया कि पुलिया के पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं करवाने से ग्रामीणों सहित राहगीर आएदिन परेशान हो रहे हैं, सड़क पर पानी में कीचड़ व गड्डे दुर्घटना सहित मौत को निमंत्रण दे रहे हैं, बाईक सवार आयेदिन सड़क पर पानी भरे गड्ढों में गिरने से दुघर्टना बढ़ रही है। महिला-पुरूषों सहित गिरकर चोटिल हो रहे हैं। दूसरी एक तरफ़ तो मकानों से गन्दा पानी नालियों से होकर पुलिया की निकासी नहीं होने से अवरूद्ध होने के कारण नालीयां भी आगे से बंद है, इसलिए मकानों का पूरा पानी रोड पर आ जाता है। इस दौरान दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। चौरू निवासी एक व्यक्ति बाईक से गिरने पर उसका पैर फैक्चर हो गया, जो गत दिनों से उसका ईलाज सरकारी हॉस्पिटल जयपुर में चल रहा हैं। इस दौरान जबकि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को सुबह स्कूलजाते व स्कूल छुट्टी के बाद आने में या पैदल निकलने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, उसके बावजूद भी आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं, यदि पुलिया की निकासी शीघ्र नहीं की गई तो आने वाले समय में भयंकर जटिल समस्याओं से गुजरना पड़ सकता है। फिर भी जिम्मेदार मौन हैं, जिससे ग्रामवासियों के मकानों का पानी पूरा सड़क मार्ग पर आ जाता है। पानी के मार्ग पर जमा होने के चलते हुए लोगों को आवाजाही में काफी जटिल समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जनप्रतिनिधियों तथा उच्चाधिकारियों को भी कई बार अवगत करा दिया गया है। लेकिन फिर भी ग्रामीणों की जटिल समस्याओं को लेकर कोई भी गंभीर नहीं हैं। इससे आमजनों को काफी जटिल परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरन पीडब्ल्यूडी विभाग के उच्चाधिकारियों काखामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इससे लोगों में पीडब्ल्यूडी विभाग सहित उच्चाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के प्रति दिनोंदिन आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वहीं यदि समय रहते हुए चौरू बस स्टैण्ड की पुलिया की पानी निकासी की व्यवस्था शीघ्र शुरू नहीं की गई तो कस्बेंवासियों द्वारा संबंधित जिम्मेदार विभाग के विरूद्ध आंदोलनात्मक कदम उठाने का रूख करना पड़ेगा।

पीडब्ल्यूडी विभाग के ध्यान नहीं दे रहे ,अधिकारी।

सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी सड़क पर गड्ढों की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं वाहनों को भी भारी नुकसान हो रहा है. चौरु बस स्टेंड, रोड सहित कई पर तो सड़क का नामोनिशान तक नहीं बचा है. वाहन चालकों के मुताबिक दिन के समय भी सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है. 3 – 4 फुट गहरे गड्ढे कभी भी किसी की जान ले सकता है. विभाग को मरम्मत करवाकर आमजन को राहत देनी चाहिए,

जिम्मेदारों का ध्यान नहीं।

स्थानीय लोगों का कहना है
पीडब्ल्यूडी विभाग, न कोई अधिकारी,न कोई जनप्रतिनिधि भी नहीं आए,लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बावजूद गड्ढो में मिट्टी-कंक्रीट डालकर राहत दी जा सकती है, लेकिन अभी तक इस और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. यहां का विभाग न तो दर्द नहीं समझ रहा है और न ही जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान दे रहे है।ऐसे में ग्रामीण वासियों व वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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