श्री बामणिया बालाजी धाम पर हर चवदस की रात्रि को 108 बार हनुमान चालीसा के पाठ के साथ चल रहे हवन यज्ञ को 25 वर्ष हुऐ पूरे
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । नसीराबाद क्षेत्र के ऐतिहासिक एंव धार्मिक स्थल बामणिया बालाजी धाम मन्दिर पर हर अन्धेरी चवदस की रात्रि को 108 बार हनुमान चालीसा के पाठ के साथ किऐ जा हवन यज्ञ को सोमवार , 31 जनवरी को 25 वर्ष परिपूर्ण हो गए । मन्दिर पुजारी मुकेश वैष्णव ने बताया कि 25 वर्ष पूर्व 1997 मे शिवरात्रि की चवदस को भक्त गण रामनिवास वैष्णव भटियाणी, स्व. सन्त किशन दास महाराज , नन्दू खत्री नसीराबाद , ओमप्रकाश दाधीच देरांठू , स्व. जगदीश जी प्रेस वाले , नीरज ईनाणी अजमेर , मगन शर्मा पटवारी जी किशनगढ़ , रमेश जी शर्मा अजमेर , भवंरलाल जी मेडता वाले द्वारा यह पाठ शुरू किया था । जिसमे हर अन्धेरी चवदस की रात्रि 12 बजे से सामुहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है , वह हर पाठ के पूर्ण होते हवन कुंड मे आहूति दी जाती । यह पाठ 108 बार होता है , व हर पाठ के पूर्ण होने के साथ हवन मे आहुति दी जाती है । यह पाठ सुबह पूर्ण होने के बाद हनुमान चालीसा व सामुहिक आरती की जाती है । व सभी भक्तों द्वारा कबूतरों के लिए लाया अनाज डाला जाता है , जो 30 से 40 किलो होता है । इस भक्त मण्डली समिति मे ओर भक्त भी जुडते गये जिसमे स्व. किशनगोपाल दाधीच भटियाणी , पुजारी विनोद वैष्णव , पुजारी सत्यप्रकाश वैष्णव देरांठू , सत्यनारायण पाराशर देरांठू , राधाकिशन जाट देरांठू , अनिल जाजू अजमेर , कैलाश जी अजमेर , बजरंग वैष्णव नसीराबाद , दीपक सोनी देरांठू , कैलाश रावत अजमेर , अतित महाश्वेरी अजमेर , विजेन्द्र सिह राठौड़ देरांठू , राधे राधे नसीराबाद के साथ ओर कई भक्तगण इससे जुडे हुए हैं । इसी मण्डली के भक्तों के सहयोग से बालाजी मन्दिर मे अखण्ड दीपक प्रज्वलित चल रहा है । साथ ही इसी भक्त मण्डली द्वारा बालाजी मे स्थित समाधि स्थल पर भी संत की मूर्ति लगवाई गई । हर माह होने वाले इस 108 बार हनुमान चालीसा के पाठ के साथ होने वाले हवन से वायु मण्डल शुद्ध होता व अप्राकृतिक बाधाएं निकट नही आतीं है । जिससे मन्दिर का पूरा परिक्षेत्र शान्तिमय हो रखा है ।