राज्यपाल ने होनहारो को सौपे मेंडल, कहां -शिक्षा की गुणवत्ता मे सुधार की जरूरत

MDS यूनिवर्सिटी का 10 वां दीक्षांत समारोह

राज्यपाल ने होनहारो को सौपे मेंडल, कहां -शिक्षा की गुणवत्ता मे सुधार की जरूरत

उच्च शिक्षा मंत्री राजेन्द्रसिंह यादव ने भी शिरकत की

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर । अजमेर में एमडीएस यूनिवर्सिटी का 10वां दीक्षांत समारोह हर्षोल्लास से मनाया गया। अध्यक्षता कुलाधिपति व राज्यपाल कलराज मिश्र ने की। विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री राजेन्द्रसिंह यादव थे। समारोह में 174 स्वर्ण पदक एवं 5 कुलाधिपति स्वर्ण पदक कुल 179 स्वर्ण पदक तथा 16 जुलाई 2018 से 31 जनवरी 2023 तक 183 विद्या वाचस्पति की उपाधि धारियों को उपाधि प्रदान की। समारोह में पहुंचे राज्यपाल का स्वागत कर मंच तक लाया गया। सबसे पहले कुलगीत व राष्ट्रगान से समारोह की शुरूआत हुई। इसके बाद कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने समारोह शुरू करने के लिए अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद शुक्ल ने अपना उदबोधन दिया। इसके बाद सम्मानित करना शुरू किया गया। समारोह में शामिल होने के लिए आने के लिए सभी स्टूडेन्ट्स ड्रेस कोड में थे। इस दौरान सम्बोधित करते हुए राज्यपाल कलराज मिश्र ने मेडल प्राप्त करने वाले स्टूडेन्ट्स को बधाई दी। साथ ही कहा कहा कि अपने परिश्रम व ध्यान एकाग्रता के कारण छात्राएं आगे बढ़ रही है। उन्होने महर्षि दयानन्द सरस्वती के आदर्शो व विचारो को आत्मसात करने का आ्हवान किया। देश में शिक्षा का नामांकन प्रतिशत बहुत कम है, जो चिंता का विषय है। इसे बढा़ने के लिए प्रयास करने होंगे। नई शिक्षा निति में नामांकन दर 50 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है। नई शिक्षा निति के लक्ष्यों को तभी पूरा किया जा सकता है जब हम विश्वविद्यालय में इसके उद्देश्य के अनुरूप कार्य करें। विश्वविद्यालय को ऐसे नवाचार करने चाहिए जिससे शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के साथ नामांकन में भी वृद्धि हो। हमारे विश्वविद्यालयों की रेंकिंग अच्छी नहीं है। दुनियाभर के विश्वविद्यालयों का सर्वेक्षण आया है, उसमें 500 विश्वविद्यालय है, उसमें भारत का एक भी नहीं। यह दुखद है। शिक्षा मानको के अनुरूप हो सके, इसके लिए प्रयास आगे बढ़ाने की जरूरत है। राज्यपाल ने अपने भाषण में यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की ओर अग्रसर है। समारोह में सम्बोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री राजेन्द्रसिंह यादव ने भी बालिका शिक्षा का प्रतिशत बढने पर बधाई दी। मेडल लेने वालों में छात्राओं की ज्यादा संख्या पर खुशी जताई और कहा कि आज हर क्षेत्र में महिलाएं आगे है।
पुलिस के पुख्ता बंदोबस्त
समारोह के दौरान पुलिस के पुख्ता बंदोबस्त रहे। चप्पे चप्पे पर पुलिस नजर आई। पुलिस के साथ विश्वविद्यालय अधिकारी व कर्मचारी भी व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
हवन किया, देखी प्रदर्शनी, किया सत्यार्थ सभागार का लोकार्पण
इससे पहले राज्यपाल मदस विवि पहुंचे और यहां पूजन कर हवन किया। इसके बाद छात्रावास पहुंचे। राज्यपाल ने यहां लगाई गई प्रदर्शनी का शुभारम्भ कर अवलोकन किया। इस दौरान सत्यार्थ सभागार का लोकार्पण भी किया। उच्च शिक्षा मंत्री राजेन्द्रसिंह यादव, कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे। अजमेर पहुंचने पर राजस्थान पुलिस के बैंड ने स्वागत किया।
अन्य डिग्रियां कॉलेज को भेजी जाएगी
दीक्षांत में बांटी जाने वाली डिग्रियां तैयार कर दी गई, जबकि अन्य डिग्रियों को कॉलेजों में भेजा जाएगा। इसके लिए यूनिवर्सिटी के पास 3 माह का समय है। लेकिन तीन माह के अंदर ही यह डिग्रियां संभाग के चारों जिलों में संबद्ध कॉलेजों तक भेजी जानी हैं।
2019 में भी तीन साल की डिग्रियां बांटी
एमडीएसयू में 2019 में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इसमें भी एक साथ तीन साल यानी 2017 तक की डिग्रियां शामिल की गई थीं। जो डिग्रियां कॉलेजों में भेजी गई थीं। इनमें से कई अभी भी कॉलेजों में ही पड़ी हुई हैं।
4 लाख 65 हजार डिग्रियों का अनुमोदन
दीक्षांत समारोह से पूर्व मंगलवार को बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक आयोजित की गई । इसमें वर्ष 2018 से लेकर 2022 तक लगभग स्नातक व स्नातकोत्तर की 4 लाख 65 हजार डिग्रियों का अनुमोदन किया गया। इसके साथ ही दीक्षांत से पहले आपत्ति निस्तारण के लिए विद्यार्थी को 30 दिन का समय दिया जाता था, इसके स्थान पर 7 दिन का समय करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में राज्यपाल नामित पंकज चौधरी, डॉ विभा शर्मा ,प्रो. शिवप्रसाद,एडीसी गजेंद्र सिंह शेखावत, फाइनेंस कमेटी के सदस्य शिवदयाल सिंह आदि मौजूद रहे।

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