मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अजमेर में राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (आरएमसीटीए) के एक शिष्टमंडल ने अजमेर के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम सिटी) और जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अरविंद खरे भी मौजूद रहे। ज्ञापन को आरएमसीटीए अजमेर के अध्यक्ष डॉ. संजीव माहेश्वरी, सचिव डॉ. पूजा माथुर और डॉ. मयंक श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से प्रस्तुत किया, जिसमें गंभीर चिकित्सा समुदाय के मुद्दों को उठाया गया।
ज्ञापन में डॉ. रवि शर्मा के दुखद निधन पर गहरा शोक प्रकट किया गया, जिन्होंने जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से एमडी (एनस्थिसियोलॉजी) की उपाधि प्राप्त की थी और वे आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर में सीनियर रेजिडेंट के रूप में अपनी सेवाएं प्रारंभ करने वाले थे। उनकी असामयिक मृत्यु चिकित्सा जगत और उनके परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है। आरएमसीटीए ने इस घटना की निष्पक्ष और शीघ्र जांच की मांग की है, साथ ही डॉ. शर्मा के आश्रित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान करने की अपील की है, ताकि उनके प्रति सम्मान और आर्थिक सहायता सुनिश्चित हो सके।
आरएमसीटीए अजमेर के अध्यक्ष डॉ. संजीव माहेश्वरी ने कहा, “डॉ. रवि शर्मा जैसे समर्पित चिकित्सक की हानि हम सभी के लिए पीड़ादायक है। हम निष्पक्ष जांच और उनके परिवार को हर संभव सहायता की मांग करते हैं।” सचिव डॉ. पूजा माथुर और डॉ. मयंक श्रीवास्तव ने चिकित्सा पेशे की गरिमा बनाए रखने और इस मामले में संवेदनशील कार्रवाई पर बल दिया।
एडीएम सिटी और डॉ. अनिल सामरिया ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और शीघ्र कदम उठाए जाएंगे। आरएमसीटीए ने चिकित्सा पेशे की अखंडता और सम्मान को अक्षुण्ण रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और आशा जताई कि इस दुखद घटना पर समयबद्ध और उचित कार्रवाई होगी, जो पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएगी और चिकित्सा समुदाय का विश्वास मजबूत करेगी।