दो जिस्म मगर एक जान साथ जीना साथ मरना-
सुधीर शर्मा सीकर सीकर जिले के कुदन गांव में आज एक अनोखा संगम देखने को मिला कुदन गांव के वाशिंदे परतराम जी आर्य सेवानिवृत्त शिक्षक जिनकी उम्र 85साल थी ।उनकी पत्नी सोना देवी उन दोनों ने शादी के वक्त कसम खाई थी ।साथ जिएंगे साथ मरेंगे यह हमे अक्सर फिल्मों में देखने को मिलता है। वो ही दृश्य आज मुझे कुदन गांव में देखने को मिला। उन दोनो महान आत्मा ने चरितार्थ कर दिखाया ।रात को सोना देवी की मौत हो गई जब उनके पति परतराम जी को पता चला तो उन्होंने भी प्राण त्याग दिए। यह बहुत कम देखने को मिलता है। एक दो दिन आगे पिछे हो जाता है। लेकिन दोनों ने एक ही दिन प्राण दिए।शादी के वक्त सात फेरों में कसमें तो दिलाई जाती है पंडित द्वारा। लेकिन निभाना बहुत ही मुश्किल होता है । आज इन्होंने कर दिखाया।आज पति-पत्नी का दास संस्कार एक ही चिता पर किया गया। दाह-संस्कार में मौजूद लोगों का कहना था कि ऐसी मौत तो पुण्य आत्माओं को मिलती हैं। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।