बाड़मेर जिले में ओरण गोचर पर किये गये अतिक्रमण को मुक्त करवाने को लेकर 23 दिन प्रशासन के साथ हुई सफल वार्ता धरना समाप्त
दिव्याग जगत / बाड़मेर / रघुवीर पंचारिया
बाड़मेर जिला मुख्यालय पर पिछले 23 दिनों से राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक एवं मानवाधिकार संगठन के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन भगवानसिंह लाबराऊ के नेतृत्व में चल रहा था ओरण- गोचर सरकारी भुमि व जलाशय को अतिक्रमण से मुक्त करवाने को लेकर धरना चल रहा था जिसकी प्रशासन के अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदसिंह रतनू, ज़िला मुख्य कार्यकारी जिला परिषद बाड़मेर के साथ धरना स्थल पर हुई सफल वार्ता के बाद धरना समाप्त निम्नलिखित मांगों पर आपसी सहमति बनी
यह रही मुख्य मांगे:-
- सम्पूर्ण बाड़मेर जिले में सार्वजनिक कुओं, तालाब/नाडी व आगौर में कच्चे व पक्के अतिक्रमण किये गये हैं उनको विधिवत कार्यवाही करने के बाद हटाकर तालाब व आगौर को सरंक्षित करावे ।
- सम्पूर्ण बाड़मेर जिले में अतिक्रमण से संबंधित माननीय राजस्थान हाईकोर्ट में लगी विभिन्न याचिकाओं पर अतिक्रमण हटाने के आदेश की आज दिनांक तक पालना नहीं हुई हैं उसकी पालना अतिशीघ्र सुनिश्चित करावे ।
- सम्पूर्ण बाड़मेर जिले के प्रत्येक राजस्व गांव में ओरण, गौचर, गैर मुमकिन मगरा, पहाड़ तथा सरकारी प्रायोजनार्थ की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित कर हटाया जाए ।
- सम्पूर्ण बाड़मेर जिले में विभिन्न सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण की परिवादियों के द्वारा की गई शिकायते लंबित हैं उन पर कार्यवाही कर तत्काल अतिक्रमण हटाया जावे ।
- सम्पूर्ण बाड़मेर जिले में सरकारी भूमि को भू-माफियाओं ने अपनी भूमि बताकर फर्जी स्टाम्प पैपर पर एग्रीमेंट कर बेचान की हैं उक्त भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करवाकर ऐसे भू-माफियाओं के विरूद्ध प्रशासन एफआईआर दर्ज करावे ।
- सम्पूर्ण बाड़मेर जिले में वक्त सेटेलमेंट के समय से ऐसी भूमि जो सरकार या किसी निजी खातेदार के नाम दर्ज नहीं की गई हैं उक्त भूमि को अब्दुल रहमान बनाम राजस्थान सरकार के आदेश की पालना करते हुए राजस्व रिकॉर्ड में भूमि घोषित करावे ।
- सम्पूर्ण बाड़मेर जिले में किसी भी विभाग के लोकसेवक के द्वारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया गया हैं (जांच में दोषी पाया जाता है) तो उसके विरूद्ध राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम 1971 के नियम (4ग) के तहत विभागीय कार्यवाही सख्ती से करावे ।
- सम्पूर्ण बाड़मेर जिले में महानरेगा योजना के अन्तर्गत नई नाडी का निर्माण करवाया गया हैं उक्त निर्माणधीन नाडीयों के पास खाली पड़ी सरकारी भूमि को आगौर में दर्ज करावे ।
- सम्पूर्ण बाड़मेर जिले में महानरेगा योजना के अन्तर्गत नई नाडीयों का निर्माण किया गया है उसको राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करावे ।
- बाड़मेर जिले के समस्त ग्राम पंचायतों तथा नगर परिषद की राजकीय भूमि, ओरण, गौचर, आगौर, आम रास्ता की भूमि में भूमिहीन लोग अपना मकान बनाकर बैठे है उनको नियमानुसार अन्य जगह पर आबादी भूमि में नि:शुल्क आवासीय पट्टा आवंटित कर प्रधानमंत्री आवास योजना तथा अन्य योजना से लाभाविंत करावे ।
- बाड़मेर जिले में ओरण, गौचर, नदी, नाला, तालाब, सार्वजनिक कुएं, आगौर, सार्वजनिक आम रास्ता, गोवा, ग्रेवल सड़क सहित सरकारी प्रायोजनार्थ की भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1996 के नियम 165 (1) के तहत अतिचारियों का सर्वेक्षण करने के लिए तीन पंचों की समिति बनाकर(सरपंच/उप सरपंच सम्मिलित कर जिसमें ग्राम विकास अधिकारी सहयोग करे) कार्यवाही करने का आदेश प्रदान करावे ।
- ऐसे सभी अतिक्रमण की क्षेत्र के ब्योरे और अतिक्रमण की प्रवृति के साथ ग्राम विकास अधिकारी को रजिस्टर में राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1996 के नियम 165(2) के तहत इंद्राज करने का आदेश प्रदान करावे ।
- चारागाह भूमि या तालाब-तल पर पाये गए अतिचार के सभी ऐसे मामलों की लिखित रिपोर्ट तहसीलदार को मामले रजिस्टर करने और अतिचारियों को बेदखली करने का राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1996 के नियम 165(5) के तहत आदेश प्रदान करावे ।
- समस्त ग्राम पंचायतों का यह कर्तव्य होगा कि वे चारागाहों में उपयुक्त किस्म की घास, झाड़ियों और पौधों के विकास के लिए और अतिक्रमणों को रोकने के लिए राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1996 के नियम 170(1) के तहत ग्राम पंचायत के प्रत्येक राजस्व गाँव में वार्ड पंच की अध्यक्षता में पाँच सदस्यों(ग्राम सभा में चार निर्वाचित सदस्यों का मनोनयन करे) की समिति गठित कर ओरण, गौचर, चारागाह भूमि को सरंक्षित करावे
जिला प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता में भगवानसिंह लाबराऊ, जोगाराम गोदारा, अनिता सोनी, मूलाराम देवासी,कलुदेवी, नेपालसिंह कारटिया, देवीलाल जाखड़,, श्रवण सिंह लंगेरा, देवीलाल जांगिड़, गेमराराम, रिड़मलसिंह आदि मौजूद रहे।