देरांठू के भाषाहरडी मातेश्वरी स्थान पर चल रहे शत चण्डी महायज्ञ का समापन मगंलवार को हवन यज्ञ के साथ

देरांठू के भाषाहरडी मातेश्वरी स्थान पर चल रहे शत चण्डी महायज्ञ का समापन मगंलवार को हवन यज्ञ के साथ

पूर्णाहुति के पश्चात होगा भण्डारा

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर । नसीराबाद के नजदीक देरांठू के सनोद रोड पर पहाड़ी पर स्थित भाषाहरडी मातेश्वरी माताजी के स्थान पर चल रहे शत चण्डी महायज्ञ का समापन मगंलवार को हवन यज्ञ के साथ होगा । यह यज्ञ संत बालक दास त्यागी महाराज के सानिध्य मे आयोजित किया जा रहा है । यज्ञ के आचार्य बनारस से आये पण्डित रजित शास्त्री एवं मारुती नन्दन आश्रम वाराणसी के केदार नारायण शास्त्री है । महायज्ञ मे चल रही भागवत कथा के छटवे दिन बाल विधुशी भागवत भूषण रुचि किशोरी जी ने राधा रानी के जन्म की कथा प्रसंग के साथ मधुर भजन राधे तू बड भागनी कोन तपस्या कीन , तीन लोक तारण तरण सो तेरे आधीन गाते हुऐ राधा का कृष्ण के प्रति व कृष्ण का राधा के प्रति अथाह प्रेम को दर्शाया । कथा मे बताया कि राधा व कृष्ण एक आत्मा है , जिसमे राधा के बिना कृष्ण व कृष्ण के बिना राधा अधूरी है बताया । वही यज्ञ स्थल पर रात्रि 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक वृज बनारस से आई रासमण्डली द्बारा रासलीला की जा रही है । रात्रि मे ग्रामीणो के साथ आस पास के क्षेत्र से आकर ग्रामीण व शहरीजन भी रासलीला देखने के साथ वहां लगे डिजिलेण्ड के आकर्षक झुलो का परिवार सहित आनन्द उठा रहे है । यज्ञ स्थल पर रात्रि मे मेले जैसा नजारा देखने को मिल रहा है । यज्ञ का समापन 21 जून , मगंलवार को पूर्णाहुति के बाद रखी गई महाप्रसादी के साथ होगा । सोमवार को कथा मे आई श्री नगर प्रधान श्री मति कमलेश गुर्जर ने भी कथा मे बैठकर कथा का रसपान किया ।

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