नसीराबाद मे सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तर पर जांच की शारदा मित्तलवाल गोमा ने की मांग
सड़क निर्माण में अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से हुए सरकारी राशि दुरुपयोग के उच्चस्तरीय जांच की जाय
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । नसीराबाद क्षेत्र की वर्षों से क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण कार्य के लिए प्रथम नगर पालिका अध्यक्ष शारदा मित्तल वाल ने अपने अथक प्रयासों से निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर निर्माण कार्य शुरू करवाया था । परंतु सार्वजनिक निर्माण विभाग अधिकारियों व अन्य अधिकारियों और ठेकेदार कि मिलीभगत से निर्माण धीन सड़के एक माह में उखड़ने लगी और निर्माण कार्य निर्धारित मापदंड के अनुसार नहीं कर लगातार लीपापोती की गई । जिसकी उच्च स्तर पर जांच के लिए शारदा मित्तल वाल गोमा ने मुख्य मंत्री , पी डब्लू डी मंत्री भजन लाल जाटव , जिला कलेक्टर सहित अन्य संबधित विभाग को पत्र द्वारा अवगत कराया कि राज्य सरकार के मुख्य मंत्री बजट घोषणा में नगर पालिका में 10 किलोमीटर सड़क निर्माण की घोषणा की थी । नसीराबाद में उक्त कराये कार्य मे बनी सड़के मे घटिया सामग्री से हुआ निर्माण कार्य की दुर्दशा हो रही है । जिसमे सरकारी राशि का जमकर दुरुपयोग हो रहा है।
निर्माणधीन सड़कों में अधिकतर सड़के एक माह में ही कई जगह से 10 फीट से अधिक चौड़ाई में जगह जगह बड़े बड़े खड्डे पड़ गए । जिसका कई समाचार पत्रो में प्रकाशन कर कार्य की जांच की मांग की गई । परन्तु कोई कार्यवाही नहीं हुई व फिर भी खराब निर्माण कार्य जारी है । इस सम्बंध मे सार्वजनिक अधिकारियों व अन्य अधिकारी और ठेकेदार को अवगत कराने पर भी लगातार कार्य में लीपापोती की गई। अन्य सड़क निर्माण की कार्य अवधि 6माह पूर्ण होने के बाद भी शेष सड़कों कार्यों को अधूरा छोड़ दिया गया है । शेष खोदी गई सडको पर निर्माण नहीं होने से वहा दुर्घटना और मानवीय हानि की संभावना बनी हुई है । जिससे लगातार निर्माण की मांग की जा रही हैं । जबकि ठेकेदार
वास्तविक क्षतिग्रस्त सड़को को छोड़कर अपने हितों की पूर्ति अनुसार वर्क आर्डर से बाहर जाकर सड़क का डामरीकरण कर रहा है । साथ ही पूर्व में बिल्कुल सही बनी हुई सड़क कोर्ट परिसर आदि पर भी कुछ सड़के अपने निजी स्वार्थ पूर्ति हेतु जबरदस्ती डामरीकरण कर दिया गया । जहाँ करनी थी वहां नहीं की , तथा घटिया सड़क का निर्माण किया गया जो कि सरकारी राशि का दुरुपयोग है। साथ ही
सड़क निर्माण के दौरान कही भी सड़कों के बीच में नालियों का निर्माण नहीं किया गया जो कि कार्य मे शामिल था ।
सीसी रोड निर्माण में भी अधिकांश जगह पर भी खड्डे पड़ने लगे , नीचे की तरफ किसी प्रकार से गिट्टी का बेस नहीं करके सिर्फ ऊपर की तरफ सीमेंट का कार्य किया गया । जिसके भुगतान के पूर्व सभी निर्माण हुई सड़कों के सैंपल लेकर डामर की गुणवत्ता की जांच उच्च स्तर किए जाना आवश्यक है ।
हाल ही बजट में नगर पालिका में 15 किलोमीटर सड़कों के निर्माण की घोषणा की गई । परन्तु पूर्व बजट की सड़क अभी तक निर्माण नहीं किया गया और नई घोषणा में मिलीभगत से आवश्यक क्षतिग्रस्त सड़क को हटाकर सही बनी हुई सड़कों को शामिल कर पुनः बनाने पर आमदा है । जिससे कार्य में कम लागत होने से सम्बन्धित अधिकारी और ठेकेदारों को फायदा होगा । इसलिए इनकी जांच कर वास्तविक में जो क्षतिग्रस्त सड़क है , उसका निर्माण करवाया जाए । सड़कों के निर्माण में दोनों तरफ सुरक्षा की सफेद पट्टी और सूचंकांक किसी भी सड़क पर नहीं बनाई गई ।आमजन को अत्याधिक परेशानी, असुविधा के साथ जीवन को खतरा बना हुआ है।जिस पर लगातार संवेदक ठेकेदार को उक्त सड़क शीघ्र पूर्ण करने का कई बार मेरे द्वारा ,व्यक्तियों व संस्थाओं,अखबार के द्वारा अनुरोध किया जा चुका है । लेकिन ठेकेदार द्वारा उक्त कार्य में जानबूझकर टालमटोल कि जा रही हैं । जिसकी शीघ्र जांच करवा कर ही संवेदक का भुगतान करवाया जावे और उक्त कार्य सही तरीके से नियमानुसार सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करवाने के लिए अवगत कराये । जिससे राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना और राशि का आमजन को लाभ मिल सके।