नसीराबाद में सर्व समाज द्वारा श्री राम भगवान की प्राण प्रतिष्ठा उत्सव को धूमधाम से बनाने का लिया निर्णय

नसीराबाद में सर्व समाज द्वारा श्री राम भगवान की प्राण प्रतिष्ठा उत्सव को धूमधाम से बनाने का लिया निर्णय

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर । अयोध्या में श्रीराम भगवान की प्राण प्रतिष्ठा उत्सव को धूमधाम से मनाने हेतू नसीराबाद के गांधी चौक स्थित लादूराम जी की अग्रवाल धर्मशाला में 36 कौम की एक बैठक आयोजित की गई । इस बैठक में हिंदू समाज की लगभग सभी जाति बिरादरी के अध्यक्ष, मंत्री पंच- पटेल व प्रमुख लोगों ने हिस्सा लिया । कार्यक्रम की अध्यक्षता माली समाज के रामेश्वर प्रसाद कच्छावा ने की तथा जीनगर समाज के तिलोकचंद ढाबी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघ चालक गोविंद नारायण जिंदल के विशेष सानिध्य में बैठक शुरू हुई । सर्वप्रथम मंचासीन इन तीनों महानुभावों ने भगवान श्री राम के मंदिर और चित्र पर पुष्प माला अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलन कर बैठक की शुरुआत करी । सर्वप्रथम बैठक में राम मंदिर के गीत का सामूहिक रूप से गायन किया गया । उसके बाद समाजसेवी संदीप अग्रवाल एडवोकेट के द्वारा श्री राम जन्मभूमि के 500 वर्ष के इतिहास पर प्रकाश डाला गया । एडवोकेट संदीप अग्रवाल ने बताया कि आज से 500 वर्ष पूर्व मुगल आक्रांता बाबर के द्वारा अयोध्या में प्रभु श्री राम के मंदिर को तोड़कर उसी की ईटों व मलवे से एक बाबरी ढांचा तैयार कर हिंदू समाज के आस्था और मान बिंदुओं पर चोट पहुंचाई गई । उस मंदिर को प्राप्त कर उसे वैभव संपन्न बनाने के लिए हिंदू समाज ने अनेकों युद्ध लड़कर अपना बलिदान दिया। सन 1990 में भी जब मुलायम सिंह द्वारा कहा गया था कि अयोध्या में परिंदा पर नहीं मार सकता तब भी कार सेवकों ने 30 अक्टूबर एवं 2 नवंबर, 1990 को पूज्य संतों एवं धर्माचार्यों के वचनों को पूरा करते हुए कार सेवा की । पुनः कार सेवा का आह्वान होने पर 1992 में देश भर से लाखों कर सेवक अयोध्या पहुंचे और हिंदू आस्था एवं मान बिंदुओं पर चोट पहुंचाने वाले कलंक रूपी बाबरी ढांचे को दहा दिया । उसके बाद से प्रभु श्री रामलला टेंट में विराजमान थे ।लंबी कानूनी लड़ाई के बाद माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अंत में प्रभु श्री राम के हक में फैसला सुनाते हुए यह माना कि वहां 500 वर्ष पूर्व भगवान श्री राम का ही मंदिर था । इस प्रकार माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ । इस मंदिर को किसी सरकार द्वारा नहीं बनाया जाए इस बात का निर्णय धर्माचार्यों द्वारा करते हुए पूरे देश में समर्पण निधि एकत्र करने हेतु विभिन्न गांव व नगरों में टोलियो का निर्माण हुआ । जितनी अपेक्षा थी उससे तीन गुना पैसा भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण हेतु पूरे देश भर से प्राप्त हुआ । अब 22 जनवरी 2024 को प्रभु श्री रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजित होंगे । इस निमित्त धर्माचार्यों, पूज्य संतों के आह्वान पर देशभर में सुखद और भव्य आयोजन करने का निर्णय हुआ है ।
इसी आयोजित उक्त बैठक में नसीराबाद के सर्वजाती समाज के लोगों द्वारा नसीराबाद में भी भगवान श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा उत्सव को भव्य और दिव्य रूप से मनाने का निर्णय किया गया। अयोध्या से अक्षत के कलश आए हैं उन अक्षत कलश व भगवान श्री राम के चित्र को प्रत्येक हिंदू के घर पर पहुंचाने तथा उन अक्षत कलश को धूमधाम से ढोल धमाकों के साथ श्री राम मंदिर बस स्टैंड से लाने का निर्णय किया गया । उसके बाद 14 जनवरी से 22 जनवरी तक विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई । 14 जनवरी को भव्य वाहन रैली निकलने का निर्णय किया गया, जिसका संयोजक सतीश पारचे, काली बाबानी व संजय यादव को समाज के पंच पटेल द्वारा नियुक्त किया गया । 15 जनवरी को नसीराबाद के सर्वजाती समाज के प्रमुख लोगों ने श्री नृसिंह गौशाला जाकर गाय माता के लिए लापसी बनाकर वितरित करने एवं गौशाला में भजन व गीत गाकर खुशी मनाने का निर्णय किया गया, इस कार्यक्रम का संयोजक प्रदीप मित्तल, अनिल ऐरन एडवोकेट एवं मणिकांत शर्मा को बनाया गया । 19 जनवरी को श्री हनुमान चौक पर सर्वजाती समाज व बिरादरी के लोगों के द्वारा सुंदरकांड के पाठ का आयोजन करने का निर्णय लिया गया , जिसका संयोजक कमल को तय किया गया । वही 20 जनवरी को रामलीला चौपड़, गणेश मंदिर पर भव्य महाआरती करने का निर्णय लिया गया, जिसका संयोजक ललित राठी को बनाया गया । इससे पूर्व अक्षत के कलश 1 जनवरी को नसीराबाद पहुंच रहे हैं । अतः सभी ने तय किया कि बस स्टैंड श्री राम मंदिर पर पूजा अर्चना करने के पश्चात उन अक्षत कलश को सभी जाति बिरादरी के लोग , कार सेवक ,भामाशाह जिन्होंने निधि समर्पण में बढ़ चढ़कर भाग लिया वे सब अपने सिर पर धारण कर नगर में धूमधाम से उन अक्षत की पूजा करके श्री गणेश मंदिर में लेकर आएंगे । अक्षत कलश यात्रा के संयोजक के रूप में संदीप यादव, धनराज जाटोलिया, प्रमोद यादव, महावीर टॉक एडवोकेट एवं रोहित गुर्जर को संयोजक नियुक्त किया गया । गणेश मंदिर से उन अक्षतो को नसीराबाद की सभी बस्तियों में सभी हिंदू घरों में वितरित किया जाएगा तथा अयोध्या धाम के दर्शन करने हेतु निमंत्रण दिया जाएगा । पूरे नगर को भगवा झंडियों से भव्यतम रूप से सजाने का निर्णय लिया गया । इस प्रकार 14 जनवरी से 22 जनवरी तक विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों की रूपरेखा बनी । 22 जनवरी को जब भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा होगी तो नगर के सभी मंदिरों को बहुत भव्य सजाने का निर्णय लिया गया। सभी मंदिरों पर विशेष पूजा, अर्चना, आरती किये जाने का निर्णय लिया गया । 11:00 बजे से 1:00 बजे तक प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य कार्यक्रम एवं प्रभु श्री रामलला की प्रथम आरती संपूर्ण हिंदू समाज करें, इस हेतु विभिन्न प्रमुख मंदिरों पर बड़ी एलइडी लगाकर सभी समाज के लोगों को विभिन्न जगहों पर एकत्र कर भगवान श्री रामलला की प्रथम आरती कराये जाने का निर्णय लिया गया । सर्वजाती समाज के सभी लोगों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि इस प्राण प्रतिष्ठा उत्सव को दूसरी दिवाली के रूप में मनाना है । अतः 22 जनवरी को घरों पर दीपक जलाने, घरों को सजाने एवं लाइटिंग करने का तथा रंगोलिया बनाने का एवं विशेष पूजा -अर्चना का निर्णय लिया गया ।
बैठक के अंत में गोविंद नारायण जिंदल ने भी “कसो लंगोटा हाथ में सोटा, अबे अयोध्या जानो है” इस प्रकार के गीत के भावों के साथ अपनी बात को रख सभी जाति बिरादरी के लोगों का एक साथ अयोध्या धाम में दर्शन करने का आह्वान किया गया । त्रिलोकचंद ढाबी ने भी सभी लोगों को याद दिलाया कि यह आज जो मंदिर बनकर तैयार हुआ है , यह सुखद संयोग लाखों हिंदूओ के बलिदान के बाद आया है । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रामेश्वर प्रसाद कच्छावा ने भी सभी कार्यक्रम धूमधाम से मनाने हेतु सर्वजाती समाज के लोगों को आवाहन किया और बैठक में पधारने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया ।

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