सरपंच संघ का आंदोलन हुआ तेज।
प्रशासन गांव के संग अभियान का सरपंच करेंगे बहिष्कार
रिपोटर। सुरेश पारेता
इटावा 30 सितम्बर
6 मार्च को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव से हुए लिखित समझौते की एक भी मांग पूरी नहीं होने से प्रदेश के सरपंचों में है आक्रोश।
राजस्थान सरपंच संघ के प्रवक्ता रफ़ीक़ पठान ने बताया कि
15 दिन से सरपंचों ने प्रशासन गांवों के संग अभियान के प्री कैंपों का किया हुआ है बहिष्कार।
सरपंच संघ के साथ तीन रोज से चली वार्ताओं के बाद भी रिजल्ट नहीं निकलने से सरपंच बिफरे।
सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल ने कहा कि इस बार समझौता नहीं आदेश चाहिए।
सरपंच संघ का 22 सूत्री है मांग पत्र।
प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्य सरकार की गलती से कटे हुए नाम वापस जुड़वाना।
खाद्य सुरक्षा योजना में वंचित पात्र लाभार्थियों के नाम सम्मिलित करवाने के लिए पोर्टल खुलवाना।
वृद्ध , विधवा एवं विकलांग पेंशन योजना की राशि बढवाना।
केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन में वित्तीय संसाधन एवं मानव संसाधन की व्यवस्था करवाना।
ग्राम पंचायतों के ऑनलाइन कार्यों में आ रही जटिलताओं के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कंप्यूटर ऑपरेटर का पद सृजित करवाना।
जटिल एवं अव्यावहारिक निर्माण नीति को संशोधित करवाना है अभी तक कि वार्ता में सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल, संरक्षक भंवरलाल जानू ,मुख्य महामंत्री शक्ति सिंह रावत,संयोजक महेंद्र सिंह मंझेवला, कार्यकारी अध्यक्ष रोशन अली छीपा, प्रदेश प्रवक्ता जयराम पलसानिया एवं रफीक पठान उपाध्यक्ष गोपाल लाल शर्मा जिला अध्यक्ष हनुमान प्रसाद जाजड़ा ,मेहर सिंह धनकड़ , दीवान सिंह अशोक कुमार मेड़ता अशोक कुमार पाली जैतारण भगवान सिंह ढाका दातारामगढ़ नेमी चंद मीणा गंगापुर सिटी व साथी सरपंच उपस्थित रहे।