राजीविका परियोजना के आरपीआरपी पांचवा दिन कार्य बहिष्कार का
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद में कार्यरत आरपीआरपी अपनी 7 सूत्रीय मांगे मनवाने को लेकर 14 नवंबर से अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार पर है , फिर भी विभाग द्वारा अभी तक कोई फैसला नहीं ले रहा है। इनका कहना है कि जब तक हमारी मांगे नही मानी जायेगी तब तक हम सभी कार्य बहिष्कार पर रहेंगे । पूर्व में किए गए कार्य बहिष्कार के दौरान विभाग ने अपनी सहमति प्रदान की पर 7 महीने बीतने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई । कार्य बहिष्कार के दौरान 1800 कार्मिक थे । लेकिन राजस्थान कंट्रीचुल हार्निग टू सिविल पोस्ट रूल्स 2022 के तहत विभाग द्वारा लगभग 1200 कार्मिक को लिया गया है , लेकिन राजीविका के धरातल लेवल पर कार्यरत आरपीआरपी कर्मचारियों को छोड़ दिया गया है । जिन गरीब महिलाओ के लिए राजीविका कार्य करती है । गरीबी उन्मूलन की बात करती है उन्ही माता बहनों के बेटे बेटियो को इस नियम से वंचित रखा गया है । इन आरपीआरपी को सीएलएफ बनने के 6 माह बाद रिलीव कर दिया जाता है । राजस्थान में कार्य सेचुरेशन मोड़ पर है , अब यह कर्मचारी कहा पर जायेंगे । इनके भविष्य के बारे में राजीविका विभाग ने कुछ भी नहीं सोचा है । इनका अनुभव बेकार जा रहा है । जिनके लिए राजीविका कार्य करती है । उन्ही के 840 घरों को करेगी बेरोजगार , एक तरफ रोजगार देने की बात है और दूसरी ओर रोजगार छीना जा रहा है । 14 नवम्बर से अनिश्चित कालीन बहिष्कार पर बैठे कार्मिकों की अभी तक सुध नही लेने पर कार्मिकों मे सरकार के प्रति रोष व्याप्त है ।