उनियारा अंबेडकर मंच व सर्व समाज द्वारा जालौर जिले के निजी स्कूल में दलित छात्र की हत्या के विरोध में निकाली रैली,

उनियारा अंबेडकर मंच व सर्व समाज द्वारा जालौर जिले के निजी स्कूल में दलित छात्र की हत्या के विरोध में निकाली रैली,

  • आरोपी शिक्षक के विरूद्ध कार्यवाही व पांच सूत्री मांगो का सीएम के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन ।
    अशोक सैनी/दिव्यांग जगत।

टोंक/उनियारा । जिले के उनियारा में अंबेडकर जागृति मंच एवं सर्व समाज द्वारा बीते दिनों जालौर जिले के सुराणा गांव के एक निजी विद्यालय में पढ़ने वाले 9 वर्षीय दलित छात्र इंद्र कुमार मेघवाल द्वारा राजपूत समाज के शिक्षक छेलसिंह द्वारा अलग से रखे मटके से पानी पीने पर निर्मम पिटाई करने से ईलाज के दौरान 14 अगस्त को मौत होने पर सम्पूर्ण राजस्थान के अनुसूचित जाति सहित सर्व समाज में गहरा रोष व्याप्त हैं। इसी को लेकर अनुसूचित जाति, जनजाति पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक जनजागृति संगठन उनियारा द्वारा रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन के साथ एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।
ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमचन्द बैरवा के नैतृत्व में सौंपे गये ज्ञापन में बताया कि जालौर जिले के एक निजी विद्यालय में कक्षा 3 में पढ़ने वाले 9 वर्षीय दलित छात्र इंद्र कुमार पुत्र देवाराम मेघवाल निवासी सुराणा ब्लॉक सायला जिला जालौर के एक राजपूत समाज के शिक्षक द्वारा निर्मम तरीके से मारपीट करने पर 14 अगस्त को दलित छात्र की ईलाज के दौरान मौत होने को लेकर आक्रोशित अंबेडकर जागृति मंच एवं सर्व समाज ब्लॉक उनियारा द्वारा सामुदायिक भवन हरिजन बस्ती से मुख्य बाजार होते हुए बस स्टैंड से एसडीएम कार्यालय तक नारेबाजी करते हुए रैली निकाली गई, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी उनियारा के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बताया कि दलित छात्र इंद्र कुमार पुत्र देवाराम मेघवाल की सरस्वती विद्या मंदिर निजी विद्यालय सुराणा के व्यवस्थापक छेलसिंह राजपूत द्वारा प्यास लगने पर मटके से पानी पीने पर एक 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी जाती है, इसी घटना से आज के जमाने में पता चलता है कि हम आज भी इस कुंठित मानसिकता एवं रूढ़िवादिता की लकीर को ही पीटते चले आ रहे हैं। वहीं बताया कि क्या इस तरह से हम एक स्वच्छ व बिना भेदभाव के समाज का निर्माण कर पाएंगे, क्या यह जातिगत भेदभाव एवं इस कुंठित मानसिकता को खत्म नहीं किया जा सकता है। ज्ञापन में बताया कि देश को आजाद हुए 75 वर्ष बाद भी दलितों के साथ इस प्रकार की निर्मम हत्या की घटनाएं प्रदेश में लगातार घटित होती चली आ रही है। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार कड़े से कड़े कदम उठाये, जिससे प्रदेश में होने वाली इन घटनाओं को रोका जा सके। ज्ञापन में राज्य सरकार से दलित छात्र के पीडित परिवार को 5 सूत्रीय मांगों में मृतक छात्र इंद्र कुमार की निर्मम हत्या करने वाले स्कूल व्यवस्थापक को फांसी की सजा दिलाई जाए, सरस्वती विद्या मंदिर सुराणा जिला जालौर की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जावे, पीड़ित परिवार के किसी भी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जावे, पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 50 लाख रूपए की राहत राशि प्रदान की जावे एवं पीड़ित परिवार को जिला मुख्यालय पर एक मकान आवंटित किया जावे। जिससे कि पीड़ित परिवार भयमुक्त निवास कर सकें, वहीं ज्ञापन में चेताया कि राज्य सरकार यथाशीघ्र उक्त मांगों को मंजूर करें, अगर यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो जल्द ही यह आंदोलन संपूर्ण राजस्थान में बड़ा रूप ले लेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी। इस दौरान ज्ञापन देने वालों में अंबेडकर जागृति मंच उनियारा के ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमचन्द बैरवा, ब्लॉक सचिव बंशीलाल मीणा, ब्लॉक मीडिया प्रभारी शिवराज बारवाल, लाडले मियां, मुजम्मिल सारण, पंचायत समिति उप प्रधान जगदीश बैरवा, पंचायत समिति प्रधान प्रतिनिधि गुलाब चंद मीणा, पंचायत समिति सदस्य फोरूलाल मीणा, राजू कांटिया, चौरू सरपंच रामसहाय मेरूठा, आदिवासी समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष फूलचंद मीणा, अम्बेडकर शिक्षक संघ के रमेश पंवार, नगरपालिका पार्षद राधेश्याम मेरोठा, जयराम पाटोली, पुष्कर दत खींची, महेन्द्र कुमार बैरवा, गोवर्धन देवरी, भवानी सिंह मीणा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नरेंद्र मीणा, शिवनारायण मीणा, छात्रसंघ अध्यक्ष मेघराज मीणा, मनोज मीणा, प्रहलादराय वर्मा, रामेश्वर पागडी, राजा बाबू खींची, रामहेत मीणा, भगवानदास, कमलेश बैरवा, शिवनारायण बैरवा, रामवतार, हंसराज बैरवा, प्रकाश बैरवा, सुवालाल, धर्मराज मीणा, साबूलाल, सहित सैंकड़ों अम्बेडकर विचारक एवं सर्वसमाज के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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