यज्ञ करने से आध्यात्मिक के साथ मानोवैज्ञानिक लाभ भी मिलते हैं – केजी कौशिक

यज्ञ करने से आध्यात्मिक के साथ मानोवैज्ञानिक लाभ भी मिलते हैं – केजी कौशिक

दिव्यांग जगत पण्डित पवन भारद्वाज

बानसूर के बासदयाल में फुट्या जोहड़ा में स्थित श्री हनुमान महाराज के मंदिर में ग्रामीणों के सहयोग से श्री श्री 108 श्री रामरतन दास जी महाराज के सानिध्य में श्रीराम महायज्ञ का आयोजन किया गया।
जिसमें मुख्य अतिथि राजस्थान भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के सदस्य कृष्ण गोपाल कौशिक रहे।

जिन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी युवा पीढ़ी जो दिशा विहीन हो गई है, उसे ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई दिशा प्राप्त होगी तथा जो हम मंत्रोच्चार करते हुए यज्ञ कर ईश्वर की स्तुति करते हैं इससे आध्यात्मिक लाभ के साथ वैज्ञानिक लाभ भी हमें अप्रत्यक्ष रूप से मिलते हैं। मंत्रोच्चार द्वारा यज्ञ आहुतियों से नकारात्मकता का नाश होता है और शरीर में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, साथ ही वातावरण की शुद्धता होती है क्योंकि जो यज्ञ हवन सामग्री के साथ घी की आहुतियां दी जाती हैं उससे वातावरण में ऑक्सीजन की अधिकता बढ़ती है साथ ही दूषित जीवाणु नष्ट होते हैं, जो कि हमारे शरीर के लिए लाभकारी होते हैं। जिससे मन शांत एवं शरीर में अच्छे कार्य करने के प्रति लगाव बढ़ता है। इसलिए इस प्रकार के आयोजन पर्यावरण शुद्धता के साथ मानसिक शुद्धता को प्रखर करते हैं और शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। यज्ञ समिति द्वारा उनका साफा पहनाकर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई।
इस दौरान युवराज बलराम दास जी महाराज, आचार्य दिनेश शर्मा, सरपंच गुलजारीलाल, फूसाराम, दयाराम, रविकांत, छाजू राम, झाबरमल, गिरधारी लाल, माडूराम, दयाराम गुर्जर, हनुमान सहाय, सुगनचंद मासी व समस्त यज्ञ समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं सहित हजारों ग्रामीण उपस्थित रहे।

Author: admin

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