मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। नसीराबाद शहर के पलसानिया रोड स्थित वार्ड नंबर 06 के मुकेरी मोहल्ले में बिना लाइसेंस संचालित हो रही जिंदा मुर्गा और मछली की दुकानों व गोदामों के खिलाफ मोहल्लेवासियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि इन अवैध दुकानों को स्थाई रूप से सीज किया जाए और पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि निगरानी सुनिश्चित हो सके। प्राप्त जानकारी के अनुसार, झूलेलाल सिंधी धर्मशाला की गली सहित आसपास के घरों में चोरी छिपे , बिना किसी वैध लाइसेंस के मीट, मछली और मांस का कटान और बिक्री की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन गतिविधियों से ना केवल बदबू और गंदगी फैल रही है, बल्कि नालियों में फेंके जा रहे अवशेषों के कारण आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और जैन समाज जैसे श्रद्धालु समुदायों को भी मंदिरों तक जाने में भारी परेशानी होती है। स्थानीय मोहल्ला वासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि यह सब कार्य नगरपालिका के जिम्मेदार सफाई जमादार आनंद सारवान की मिलीभगत से हो रहा है, जिससे इन अवैध व्यापारियों के हौसले और अधिक बुलंद हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार द्वारा पूर्व में इन्हें रंगे हाथों पकड़ा भी गया था, इसके बावजूद इन गतिविधियों पर कोई स्थायी कार्यवाही नहीं की गई। छावनी परिषद द्वारा पहले ही पेट्रोल पंप के पीछे पानी की टंकी के पास मीट-मछली की दुकानें और गोदाम आवंटित किए जा चुके हैं, तथा वहीं का लाइसेंस वैध माना जाता है। बावजूद इसके, एक ही परिवार के सदस्य –
बद (सलीम / अब्दुल जब्बार) ,
फरीद (कालू / फरीद)
अमजद, गुन्ना / समद द्वारा मोहल्ले में ही गोदाम बनाकर अवैध व्यापार किया जा रहा है, जिससे मोहल्ले का माहौल खराब होता जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:
बिना लाइसेंस दुकानों व गोदामों को स्थायी रूप से सील किया जाए, नालियों के ऊपर बनी मछली-मुर्गा की ठेलियों को हटाया जाए, नालियों की सफाई करवाई जाए,
और पूरे मोहल्ले में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि ऐसी गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जा सके। स्थानीय नागरिकों ने चेताया है कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं की गई, तो वे जन आंदोलन के लिए विवश होंगे।