शांति एवं अहिंसा प्रकोष्ठ की जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर से पूर्व तैयारी के लिए हुई बैठक
पंडित पवन भारद्वाज दिव्यांग जगत
एंकर-महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति अलवर के तत्वावधान में आज गांधीवादी कार्यकर्ताओं की बैठक का आयोजन हुआ।शांति एवं अहिंसा प्रकोष्ठ के जिला सहसंयोजक ओमप्रकाश डहलवास ने बताया कि शांति एवं अहिंसा प्रकोष्ठ की जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर से पूर्व तैयारी के लिए बैठक का आयोजन किया गया था।बैठक में जिला संयोजक हिमांशु शर्मा ने कहा कि गांधीवादी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण में ले जाने एवं सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार करने एवं ज्यादा से ज्यादा संख्या में गांधी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने का संकल्प लिया गया।जिला संयोजक शर्मा ने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा मदद ली जाएगी और शीघ्र ही महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति की ओर से संपूर्ण जिले में सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार के लिए प्रत्येक वार्ड एवं ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे।आज के युग में गांधी जी के शांति एवं अहिंसा विचारधारा को समझाने की जरूरत है जिससे क्षेत्र में शांति स्थापित हो।वहीं महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति के जिला महासचिव विशाल यादव ने कहा कि महात्मा गांधी के दिखाए हुए रास्ते पर युवा पीढ़ी को चलना चाहिए जिससे गांधीजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।बैठक में जिला प्रवक्ता डॉ.सुरेश शर्मा,तिजारा से बक्शानंद भारती,थानागाजी से भमला राम मीणा,कोटकासिम से अनिल रोहिल्ला,किशनगढ़ से नूर मोहम्मद,इस्माइल खान,मालाखेड़ा से राजेंद्र बलाई,कठूमर से सीताराम दिक्षित,पूर्व सरपंच दिनेश शर्मा,बहरोड़ से वीरेंद्र यादव एवं विपिन शर्मा,नीमराणा से नवीन जेवरिया,रविंद्र गुप्ता,धीरज यादव,मुण्डावर से महेश गुर्जर,रामगढ़ से प्रह्लाद राजपूत,बानसूर से बंसी राम,नागेंद्र सिंह,सुगन चंद शर्मा,प्रकाश चंद गुप्ता,विक्रम यादव, किशनगढ़ से नूर मोहम्मद,राजेंद्र सैनी,शोभा साहू,मिथिलेश कुमारी,मनीषा जांगिड़,करिश्मा,नीलम शर्मा,लक्ष्मी जोशी,सुधा शर्मा,सत्तू राम जाटव,कार्यक्रम संचालक राजगढ़ संयोजक एन.एल.वर्मा,डॉ.महावीर प्रसाद,सुरेंद्र बौद्ध,भजन लाल प्रजापत,सरजीत, नंदराम,श्याम लाल, गुलाबचंद,राजेंद्र सैनी,जुबेर खान,विनोद गुप्ता,ब्लॉक संयोजक कठूमर सीताराम शर्मा,रैणी से उमेश गर्ग सहित अलवर जिले के ब्लॉक संयोजक एवं सहसंयोजक व बड़ी संख्या में गांधीवादी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।