नसीराबाद के राजकीय सामान्य चिकित्सालय मे रात्रि मे मरीजों की नही होती सुनवाई

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

नसीराबाद के राजकीय सामान्य चिकित्सालय मे रात्रि मे मरीजों की नही होती सुनवाई

इमरजेंसी मे लगे डाक्टर सोते है , कुम्भकरण की नींद

अजमेर जिले के राजकीय सामान्य चिकित्सालय नसीराबाद मे जब कोई मरीज को रात को लेकर परिजन दिखाने के लिए जाता है , तो मरीज तड़पता रहता है , ओर इमरजेंसी मे डयूटी पर लगे डाक्टर चैन की कुम्भकरणी नीद मे सोये रहते है । मगंलवार रात्रि को देरांठू के एक ग्रामीण की तबीयत खराब हो जाने पर ग्रामीण हाथो हाथ एक वैन कर रात्रि दो बजे चिकित्सालय पहुंचे । जहां इमरजेंसी सेवा मे कार्यरत डाॅ.पियूस गेट बन्द कर चैन की नींद सोये हुए मिले । बीमार के परिजनो ने जब रात 2 बजे डाॅ.प्यूस को उठाते है , तो पहले तो उठते नही ओर जब परिजन बार बार गेट बजाकर उठाते है , तो गुस्से मे आग बबूला हो जाते है , ओर गुस्से मे बिना देखे बीमार के परिजनों को बोलते है , कि अन्दर स्टाफ है उसे दिखाओ , परिजन भाग कर स्टाफ मे एक कम्पांडर को बोलता है तो ओर वह बोलता है कि डाॅक्टर को दिखाओ । ओर परिजनों को इधर इधर चलाते रहे , फिर बड़ी मसकत के बाद डाॅ. वापस आग बबूला होकर उठता है व देखता है , तो क्या खाया क्या नही खाया यह पूछा भी ओर एक इन्जेक्शन लगाओ ,ओर सुबह लाना यह बोल कर रवाना कर दिया । ओर ऐसे ही दूसरे गांवो से इमरजेंसी मे मरीज आये तो उन्हे भी बिना पुछे ही दो टेबलेट दी ओर बोला जाओ ऐसे ही तीसरे मरीज का नम्बर आया तो मरीज लेडिज जो की हाल ही अस्पताल मे भर्ती है , ओर शायद वह बैड से उठकर डाँक्टर के पास आती है , ओर बोलती है कि मुझे तकलीफ है तो डाँक्टर का जबाव होता है मे स्त्रीयो का डाँक्टर नही हूँ , कह कर वापस जाकर सो गए । बाहर कई मरीज तडपते रहे , ओर डाँक्टर पूयूस अपनी केबिन मे जाकर सो गए हैं , अस्पताल मे ही भर्ती एक घन्टे के अन्दर एक ओर मरीज जो ऊपर हाँल मे है , परिजन चिल्लाता है की मरीज की हालत खराब लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नही , वो ऊपर से नीचे भी नही आ सकते ,क्यो की ऊपर चेनल गेट के ताला लगा होता है । ऐसा अस्पताल है राजकीय सामान्य चिकित्सक नसीराबाद । मरीज तड़पता रहे ओर स्टाफ चैन की नींद सोता रहे ।

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