बेगूसराय के जिला पार्षद क्षेत्र संख्या 19 से जिला पार्षद के नौ उम्मीदवार मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
मतदाता किनके शर पर जिला पार्षद का देगी ताज, और किन-किन को देगी दुत्कार।
उम्मीदवार अपनी अपनी सजातीय मतदाताओं को रिझाने में लगे हैं।
आखिर किन का ताला खुलेगा?
बरौनी-बेगूसराय- त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जिला परिषद क्षेत्र संख्या 19 में गहमागहमी मची हुई है। लगभग 22,000 मतदाताओं में जिला परिषद के नौ उम्मीदवार अपनी -अपनी उम्मीदवारी देकर मतदाताओं को अपने पाले में करने को लेकर तरह-तरह की योजनाएं बना रहे हैं। इन उम्मीदवारों में क्षेत्र संख्या 19 के सिमरिया एक से तीन उम्मीदवार, अमरपुर गंगा प्रसाद से तीन उम्मीदवार, जबकि पिपरा पंचायत से भी तीन उम्मीदवार अपनी -अपनी जीत के लिए दमखम के साथ ताल ठोक रहे हैं। जबकि सूत्रों की गरमाने तो कहीं-कहीं अपने अपने सजातीय मतदाताओं पर ताल ठोक रहे हैं, तो कहीं विद्युत आपूर्ति करवाने को लेकर राजनीति की जा रही है।
जबकि क्षेत्र में कुछ ऐसे भी उम्मीदवार हैं, जिन्हें चुनाव लड़ने का शौख रहा है। कोई वार्ड सदस्य से सीधे जिला परिषद मैं भाग्य आजमाने को तत्पर है। तो कहीं विधायक से लेकर जिला पार्षद पद पर आसीन होने के लिए अपना -अपना दांवपेच खेल रहे हैं।
आखिर इन् नो पार्षद उम्मीदवारों में मतदाता किनके सिर पर जीत का ताज देगी। यह तो समय ही बताएगा।
उम्मीदवारों में एक ऐसे भी उम्मीदवार हैं ,जो पूर्व में जिला परिषद क्षेत्र संख्या 20 से प्रतिनिधि रहे हैं। अब वह क्षेत्र संख्या 19 से अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
जिला परिषद क्षेत्र संख्या 19 मे अपनी -अपनी उम्मीदवारी देने वालों में सिमरिया से राजीव कुमार, रेल इंजन लेकर खड़े हैं, जबकि मुकेश कुमार उर्फ गब्बर, प्रेशर कुकर लेकर खड़े हैं, वही अभिषेक कुमार उर्फ गौरव कुमार मोतियों का माला लेकर खड़े हैं। जबकि अमरपुर पंचायत के विधायक में चुनाव लड़ चुके डॉ धर्मेंद्र पटेल, और श्री राम राय विधायकी में भाग्य आजमा चुके हैं। जबकि इसी पंचायत के चंदन कुमार भी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। बताया जाता है कि उक्त पंचायत में कुर्मी समाज का 5000 मतदाता है। इसको लेकर डॉ धर्मेंद्र और श्री राम राय अपने को विजई बनाने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं।
वही उक्त चुनाव क्षेत्र के पिपरा पंचायत से तीन उम्मीदवार अपना अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
जिसमें प्रवीण कुमार मक्का का बाली लेकर मतदाताओं को रिझाने में तत्पर है। जबकि सुधीर राय अंगूर बांट रहे हैं। वही सबोके लोकप्रिय , एवं चर्चित समाजसेवी ध्रुव नारायण ताला चाबी लेकर आम मतदाताओं को रिझाने में तल्लीन है। जबकि चुनाव 3 नवंबर को होने वाले हैं। 10 दिनों के अंदर कौन प्रत्याशी कितने मतदाताओं को अपने- अपने पक्ष में कर पाते हैं, यह तो समय ही बताएगा। जबकि सभी उम्मीदवारों में कोई किसी से कम नहीं? किसको पता है की, राजनीति किस करवट बैठेगी। मतदाता किसे जिला पार्षद का ताज देगी और किन – किंनको नकार देगी। यह कहना अभी मुश्किल होगा। चुनाव उपरांत गिनती होने पर ही इसका पता चलेगा। की कौन जीता और कौन हारा। क्योंकि अब सामाजिक सेवा के नाम पर राजनीति भी व्यवसाय हो गई।
क्योंकि व्यवसायिक दृष्टिकोण से चुनाव लड़ने वाले लोग दारू भी बाटेंगे। मिठाई भी बाटेंगे। रुपीए भी बाटेंगे, और प्रलोभन देकर मतदाताओं को अपनी ओर रिझाने का भरपूर प्रयास करेंगे?