शिशु मंदिर में हुआ मातृसम्मेलन
राघौगढ़- : सम्पूर्ण देश मे आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है स्वतंत्रता में जिन बलिदानियों ने अपना सर्वस्व समर्पण कर दिया उनको याद किया जा रहा है इसी के अंतर्गत रानी लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस पर सरस्वती शिशु मंदिर राघौगढ़ में मातृसम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय के अभिभावक माताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया कार्यक्रम का सुभारम्भ विद्यालय की वंदना के साथ किया गया इसके बाद माताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किए विद्यालय में पढ़ रहे भैया बहिनों की शिक्षा ,संस्कृति,और संस्कार बिषय पर चर्चा हुई और अपने सुझाव व्यक्त किए कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य जवाहरलाल द्विवेदी जी और मुख्य वक्ता विद्या भारती के प्रांतीय प्रशिक्षण प्रमुख राजेन्द्र जी परमार रहे कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपने विचार रखे जवाहरलाल द्विवेदी जी ने अपने उध्बोधन में मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे का सर्वांगीण विकास माँ कर सकती है और शिक्षा के साथ साथ संस्कृति का ज्ञान आवश्यक है आज हमारे बच्चों पर पश्चमी संस्कृति का प्रभाव होता जा रहा है इस पर लगाम लगाना होगा इसके लिए सरस्वती शिशु मंदिर से अच्छा कोई विकल्प नही हो सकता मुख्य वक्ता परमार जी ने कहा कि माताए अपनी दिनचर्या में बच्चो को संस्कारवान बनाए परमार ने अपने उध्बोधन में महापुरुषों के जीवन पर प्रकाश डाला और विद्या भारती आदि विषयों पर चर्चा की कार्यक्रम में सभी माताओं की आपस मे प्रश्न मंच ,भजन, संस्कार आदि प्रतियोगिताए आयोजित की गई और विद्यालय परिवार के आचार्य दीदियों के साथ विभिन्न विषयो पर चर्चा हुई कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश तिवारी के साथ सम्पूर्ण विद्यालय परिवार उपस्थित रहा