वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के प्रति किया जागरूक

वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के प्रति किया जागरूक
-नियामत जमाला-
 भादरा, 24 नवंबर /राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हनुमानगढ़ के निर्देशानुसार बुधवार को स्थानीय वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट श्रीमती सुनीता बेड़ा की अध्यक्षता में दो विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन वर्चुअल माध्यम से श्रीमती गौरा देवी राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय भादरा एवं श्री श्याम इन्टरनेशनल स्कूल भादरा के साथ किया गया। इनमें श्रीमती सुनीता बेड़ा ने विद्यार्थियों को बाल-विवाह को एक सामाजिक बुराई बताते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं इसको रोकने के लिए बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत निरोधात्मक, दण्डात्मक एवं सुरक्षात्मक प्रावधानों की जानकारी विद्यालय स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं को दी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को मात्र कानूनी उपायों से पूरी तरह से समाप्त नहीं किया जा सकता। इसे समाप्त करने के लिए हमें स्वयं एवं सामाजिक स्तर पर जागरूक होना आवश्यक है। इसी अवसर सुश्री निधि पूनियां सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मैजिस्ट्रेट ने विद्यार्थियों को बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की व 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह करना अपराध है। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके मूल अधिकारों, कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम के लिए बने कानूनों के बारे में जानकारी दी एवम् उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक दुष्प्रभावों से भी अवगत करवाया।  वर्चुअल विधिक साक्षरता शिविरों में श्रीमती सुमित्रा चौधरी प्रधानाचार्य, रफीक खान व्याख्याता, महजबीन, वरिष्ठ अध्यापिका मोहित भाटी, लिपिक एवं श्री श्याम इन्टरनेशनल स्कूल के संस्थापक अमरनाथ,अस्सिटेंट पवन गोस्वामी, सुरेश छीम्पा एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर रोहताष कुमार लिपिक ग्रेड-फस्ट /रीडर भी मौजूद थे।
फोटो-वर्चुअल माध्यम से जानकारी देते न्यायाधीश

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