राजगढ़ धाम पर मगंलवार को माँ कालिका का होगा जलाभिषेक
सावन के रविवार को रिमझिम बारिश में उमड़े श्रद्धालु
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । नसीराबाद क्षेत्र के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल श्री राजगढ़ धाम पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन माह में श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ पर माता कालिका का जलाभिषेक मंगलवार 26 जुलाई को किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष जलाभिषेक कार्यक्रम में प्रदेशभर से श्रद्धालुगण प्रातःकाल से ही भैरव धाम पर आना प्रारम्भ हो जाते है। जलाभिषेक कार्यक्रम प्रातःकाल से प्रारम्भ होगा जो कि सांयकाल महाआरती के साथ समापन होगा। धाम के प्रवक्ता ने बताया कि जलाभिषेक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ चैरीटेबल ट्रस्ट व मंदिर कमेठी द्वारा तैयारियाँ पूर्ण कर ली है। राजगढ़ धाम पर श्रावन मास के रविवार को रिमझिम बारीश मे भी श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ पड़ा। अजमेर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ पर प्रत्येक रविवार को लगने वाली भैरव बाबा की चौकी पर देश-प्रदेश से आए हुए श्रद्धालुओं को मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज ने नशा मुक्ति व कन्या भू्र्ण हत्या को न करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि नशा विनाश का मूल कारण है। नशा ही समस्त बुराईयों की जड़ है। नशा करने वाले व्यक्ति के परिवार का प्रत्येक सदस्य परेशान व कुंठित रहता है। यदि नशा करने वाला व्यक्ति नशे से मुक्ति पाता है तो परिवार का प्रत्येक सदस्य माता-पिता भाई-बहिन, पत्नि-बच्चे सभी खुश रहेंगे। राजगढ़ मसाणिया भैरव धाम में नशा मुक्त समाज व बेटी बचाओ को केन्द्र बिन्दु मानते हुए इस धाम पर प्रशासन के साथ कई अभियानों का आयोजन समय-समय पर किए जाते रहे हैं। इसी कारण से मसाणिया भैरव धाम पर पिछले कई दशकों से प्रत्येक रविवार को नशा मुक्ति का महाअभियान तथा कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ महाअभियान चलाया जा रहा है जहाँ पर आने वाले श्रद्धालुओं से नशामुक्ति व कन्या भूण हत्या को न करने का संकल्प दिलाया जाता रहा है। धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया कि सामाजिक सरोकारों से जुडे हुए ऐसे ज्वलंत मुद्दे जिनके कारण समाज ,भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, बाल विवाह जैसी कुरीतियों से जकड़ा हुआ है, को दूर करने के लिए भैरव धाम पर समय-समय पर अभियान चलाए जाते रहे हैं। इस धाम पर देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए केन्द्र व राज्य सरकार के कई अभियानों जैसे पल्स पोलियो, जल बचाओ आदि की शुरूआत भी भैरव धाम पर की जाती रही है।