मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीति नहीं ,कलंक पर कानूनी पाबंदी के लिए हो कानूनी कार्रवाई

किसान महापंचायत ने कानूनी पाबंद की रखी मांग

मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीति नहीं ,कलंक पर कानूनी पाबंदी के लिए हो कानूनी कार्रवाई

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर । किसान महापंचायत द्वारा मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ मंगलवार को सराना थाना में नामजद आपत्ति दर्ज कराई । सराना पुलिस थाना क्षेत्र के पंचायत समिति श्रीनगर की ग्राम पंचायत मावस्या के ग्राम सुरजपुरा में सामाजिक मान-सम्मान के खातिर स्व.भुरी देवी जाट का मृत्यु भोज आगामी 23 जनवरी को एव इसी ग्राम निवासी स्वर्गीय किशन लाल जाट का
मृत्यु भोज 24 जनवरी को है । स्वर्गीय राम राज जाट का नुक्ता का काम 25 जनवरी को किए जाना है। किसान महापंचायत के जिला अध्यक्ष बालूराम भीचर सोमवार को जाकर परिवार जनो को नुक्ता नही करने हेतू मना किया । वह कानूनी जानकारी देकर बताया कि सरकारी कानून के अनुसार यह अपराध है। लेकिन परिवार वाले इस कार्यक्रम नुक्ता के लिए समाज को चिट्ठी पत्री व आंवला देकर बुला रहे है ।जो सरासर कानून का उल्लंघन है ।
भीचर ने बताया कि राजस्थान में यह कानून मृत्यु भोज निवारण अधिनियम 1960 से ही लागू है पर यह रुक नहीं रहे ।
लेकिन राज्य सरकार ने पिछले साल 8 जुलाई 2021 को सख्त कानून बनाकर इसके 4 धाराएं और जोड़ दी है। जिससे जनप्रतिनिधि सरपंच ,पटवारी, वार्ड पंच , समाज के पंच , नुक्ता करने वाले परिवार के सगे संबंधी सभी कानून के दायरे मे आ जाते है , अगर यह भोज करते हैं तो । व इसमें शामिल होने वालो को भी 1 वर्ष का कारावास की सजा का प्रावधान है । इसे समाज तुरंत रोके। पुलिस ने भी नुक्ता करने वाले परिवार को कानूनी कार्यवाही से बचने हेतू नुक्ता नही करने की जानकारी व चेतावनी परिवार जन व पंचो को दी है ।

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