मानव जीवन के लिए मानवता से मानव की रक्षा करना अनिवार्य – केजी कौशिक
दिव्यांग जगत //पण्डित पवन भारद्वाज
नीमराना जापानी जोन के डीजेआईएमई में हुआ राष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा सेमिनार का आयोजन, सुरक्षा अवार्ड दिए
नीमराणा के जापानी जोन स्थित डाइकिन जापानीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस में द इंस्टीट्यूशन ऑफ़ इंजीनियर्स इंडिया अलवर के तत्वाधान में सेफ्टी एंड क्वालिटी फोरम नई दिल्ली, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद एवं अलवर कारखाना एवं बॉयलर्स विभाग द्वारा उद्योगों में आपातकालीन सुरक्षा को लेकर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के आयोजक द इंस्टीट्यूशन ऑफ़ इंजीनियर्स इंडिया अलवर के चेयरमैन एमजेएफ एससी जोशी मुख्य रहे। जिसमें अतिथि राजस्थान सुरक्षा परिषद (राजस्थान चैप्टर) के अध्यक्ष मुकेश जैन, विशिष्ट अतिथि राजस्थान भवन एवं अन्य सनिर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के सदस्य कृष्ण गोपाल कौशिक, कारखाना बॉयलर्स एवं निरीक्षण विभाग के उपमुख्य निरीक्षक सुरेंद्र सिंह, एसक्यूएफ अध्यक्ष दिनेश कुमार, एसक्यूएफ़ निदेशक प्रवीण कुमार सिंह रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित औद्योगिक इकाइयों के एचआर हेड व सुरक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुए केजी कौशिक ने अपने उदबोधन में कहा कि हमें हर संभव मानवता दिखाते हुए मानव जीवन की रक्षा करनी चाहिए, सभी प्रकार के सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने का प्रशिक्षण प्रत्येक श्रमिक को देना चाहिए तथा सम्पूर्ण एतिहात एवं उपकरणों का उपयोग करते हुए प्रशिक्षित व्यक्ति की देखरेख में ही जोखिम भरे कार्यों को करने की स्वीकृति देनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ईआर आईईआई एससी जोशी ने कहा कि हमें सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही कार्यों का निष्पादन करना चाहिए। संयम रखते हुए सफर करें ताकि स्वयं भी सुरक्षित रहे और दूसरों का भी ध्यान रखें।
कार्यक्रम संयोजक ईआर पंकज तिवारी, राजदीप शर्मा एमआईई रहे। कार्यक्रम में विशेष रूप से डायकीन इंडिया के डायकिन एयरकंडिशनिंग से एचआर रणजीत सिंह, आनंद दीपक, पंकज चतुर्वेदी, पारले से एचआर विनोद जैन, मांगेलाल धेतरवाल, गिन्नी से एचआर प्रकाश शर्मा, माइटेक्स पॉलिमर्स से एचआर महेंद्र शर्मा, दिनेश यादव परनोड रिकार्ड, अमित यादव काई, अतुल शर्मा बारमाल्ट, मनीष मुक्कड़, दिनेश कसाना, विकास कुमावत सहित अन्य अधिकारी एवं नीमराना, घिलोठ, शाहजहांपुर, बहरोड़, सोतानाला, केशवाना के करीब सैकड़ों उद्योगों के करीब 500 प्रतिनिधि उपस्थित रहे।